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3rd July 2026

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तमनार हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार : 6 महीने से फरार था राजेश मरकाम; आगजनी, पुलिस पर पथराव, महिला कॉन्स्टेबल की वर्दी फाड़ी

News Affair Team

Fri, Jul 3, 2026

रायगढ़.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दिसंबर 2025 में हुई तमनार हिंसा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। छह महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजेश मरकाम (39) को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने आंदोलनकारियों को भड़काने, पुलिस बल पर हमला कराने, सरकारी वाहनों में आगजनी और कोल हैंडलिंग प्लांट में तोड़फोड़ कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था। मुखबिर से सूचना मिलने पर तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम बरपाली में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हिंसक घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

जनसुनवाई के विरोध से शुरू हुआ था आंदोलन

पूरा मामला जिंदल (JPL) की कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से जुड़ा है। प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर 2025 से धौराभाठा में जनसुनवाई के विरोध में धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 300 ग्रामीण लिबरा के सीएचपी चौक पर पहुंचे और सड़क जाम कर दी।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर वापस धरनास्थल भेज दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद भीड़ बढ़कर करीब एक हजार हो गई और हालात लगातार तनावपूर्ण होते चले गए।

बैरिकेड तोड़े, पुलिस पर किया हमला

दोपहर करीब ढाई बजे प्रदर्शन हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थरों व डंडों से हमला शुरू कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम पर महिलाओं ने लात-घूंसों से हमला किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरकारी वाहनों और प्लांट में लगाई आग

हिंसक भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप, एम्बुलेंस और अन्य सरकारी वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गए, जहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्लांट के कार्यालय में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।

अधिकारियों की मौजूदगी में भी जारी रहा पथराव

हालात संभालने के लिए विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ और अधिक उग्र हो गई। अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव और आगजनी की घटनाएं जारी रहीं।

16 एफआईआर, 22 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल

घटना के बाद अलग-अलग मामलों में तमनार थाने में कुल 16 एफआईआर दर्ज की गई थीं। अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

आंदोलनकारियों को भड़काने की भूमिका आई सामने

जांच के दौरान सामने आया कि राजेश मरकाम ने आंदोलनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 49 भी जोड़ी गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से चार मामलों में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आरोपी ने सरकारी अधिकारियों पर हमले, वॉकी-टॉकी और मोबाइल लूटने, आगजनी तथा तोड़फोड़ जैसी घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

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