पान मसाला विज्ञापन पर मुकेश खन्ना का बॉलीवुड स्टार्स पर निशाना : बोले- शाहरुख, अजय और टाइगर सार्वजनिक माफी मांगें; FDA के नोटिस का किया समर्थन
News Affair Team
Tue, Aug 18, 2026
मुंबई.
‘शक्तिमान’ और ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह की भूमिका से पहचान बनाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से तीनों अभिनेताओं को भेजे गए कारण बताओ नोटिस का समर्थन करते हुए खन्ना ने कहा कि कलाकारों को इस तरह के विज्ञापनों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मुकेश खन्ना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि बड़े कलाकारों की जिम्मेदारी सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। वे युवाओं पर प्रभाव डालते हैं, इसलिए उन्हें ऐसे विज्ञापनों से बचना चाहिए जो युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकते हैं।

‘केसरिया आदाब’ पर भी साधा निशाना
मुकेश खन्ना ने विज्ञापन में कलाकारों के अंदाज पर तंज कसते हुए ‘केसरिया आदाब’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केसरिया शौर्य, साहस और पराक्रम का प्रतीक है और इसे ऐसे विज्ञापन के लिए इस्तेमाल करना उन्हें पसंद नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े कलाकारों के पास नाम, पैसा और प्रतिष्ठा सब कुछ है, तो फिर उन्हें ऐसे उत्पादों के प्रचार की जरूरत क्यों पड़ती है।

बोले- कलाकारों को जनता से माफी मांगनी चाहिए
खन्ना ने कहा कि अगर किसी कलाकार से गलत विज्ञापन हो गया है तो उसे सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करना चाहिए। उनका कहना है कि कलाकारों को लोगों, खासकर युवाओं को सही संदेश देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने FDA की कार्रवाई पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को पहले ही कदम उठाना चाहिए था। उनके मुताबिक, इस तरह के विज्ञापनों को लेकर वह पहले भी सवाल उठाते रहे हैं।

FDA ने तीनों अभिनेताओं को भेजा नोटिस
महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में भूमिका को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है। FDA को आशंका है कि विज्ञापन के जरिए महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है।
नोटिस में विज्ञापन के नाम, संवाद और ब्रांड प्रस्तुति का हवाला देते हुए तीनों से उनकी भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। FDA ने खाद्य सुरक्षा कानून और विज्ञापन से जुड़े नियमों का भी उल्लेख किया है।
महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध
महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लंबे समय से लागू है। मौजूदा प्रतिबंध 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए लागू किया गया है। FDA ने प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ हाल के महीनों में कार्रवाई तेज की है।
यही वजह है कि ‘विमल इलायची’ जैसे विज्ञापन को लेकर भी नियामक एजेंसी ने सवाल उठाया है। FDA का तर्क है कि किसी दूसरे उत्पाद के नाम से विज्ञापन करने के बावजूद अगर उससे प्रतिबंधित उत्पाद के ब्रांड का प्रचार होता है, तो उसे अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन के तौर पर देखा जा सकता है।
सरोगेट विज्ञापन क्या होता है?
जब किसी ऐसे उत्पाद का सीधे विज्ञापन नहीं किया जा सकता, जिसके प्रचार पर प्रतिबंध या कानूनी रोक हो, तो उसी ब्रांड के किसी दूसरे उत्पाद के नाम से विज्ञापन किया जाता है। इसे आमतौर पर सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है।
‘विमल इलायची’ विज्ञापन के मामले में FDA इसी पहलू की जांच कर रहा है। अब तीनों कलाकारों के जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

मकोका के तहत कार्रवाई की भी तैयारी
महाराष्ट्र FDA प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू उत्पादों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की दिशा में भी काम कर रहा है। FDA की कार्रवाई का दायरा केवल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और सप्लाई नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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