सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर FIR : तिरंगे की जगह BJP झंडा फहराने के दावे पर विवाद; भाजपा बोली-पुराना वीडियो वायरल किया
News Affair Team
Tue, Aug 18, 2026
रायपुर.
सोशल मीडिया पर धमतरी के कुरूद में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भाजपा का झंडा फहराने के दावे को लेकर विवाद बढ़ गया है। मामले में रायपुर के सिविल लाइन थाने में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। भाजपा का आरोप है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो स्वतंत्रता दिवस का नहीं, बल्कि मार्च 2026 में हुए पार्टी के एक कार्यक्रम का पुराना वीडियो है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने 17 अगस्त को साइबर क्राइम और सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

नेहा ने शेयर किया था वीडियो, सुप्रिया ने भी किया पोस्ट
शिकायत के मुताबिक, 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें शेयर की गईं। नेहा सिंह राठौर की पोस्ट में दावा किया गया कि धमतरी जिले के कुरूद में भाजपा नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह पार्टी का झंडा फहराया।
इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस पोस्ट को शेयर करते हुए तिरंगे के अपमान की बात कही। कांग्रेस नेत्री डॉ. रागिनी नायक ने भी पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए इसे देशद्रोही बताया।

भाजपा का दावा-22 मार्च के कार्यक्रम का है वीडियो
शिकायतकर्ता उज्जवल दीपक का कहना है कि वायरल वीडियो और तस्वीरें 22 मार्च 2026 को आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान की हैं। उनका आरोप है कि पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे भाजपा और उसके नेताओं की छवि खराब हुई।
भाजपा ने पुलिस से वीडियो और तस्वीरों के मूल स्रोत का पता लगाने के साथ ही पोस्ट, कमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। शिकायत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मेटाडेटा हासिल कर तकनीकी जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज किया है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी भ्रामक जानकारी के प्रसार से लोगों के बीच गलत संदेश जाने के साथ सामाजिक और राजनीतिक तनाव की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल पुलिस संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और तस्वीरों की जांच कर रही है। वीडियो की वास्तविक तारीख और उसके स्रोत सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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