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1st October 2026

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नागपंचमी पर महाकाल में आस्था का सैलाब : 24 घंटे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर के पट; एक दिन में सावन सोमवार और सवारी भी

News Affair Team

Sun, Aug 16, 2026

उज्जैन.

सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी इस बार एक ही दिन पड़ने से 17 अगस्त को उज्जैन में आस्था का बड़ा संगम होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे से 17 अगस्त की रात 12 बजे तक 24 घंटे खुले रहेंगे।

16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे नागचंद्रेश्वर भगवान के पूजन की प्रक्रिया शुरू होगी। रात 12 बजे श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज पूजन-अभिषेक करेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। नागचंद्रेश्वर के दर्शन साल में सिर्फ नागपंचमी पर होते हैं। इसी वजह से इस दिन देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

तीन बार होगी विशेष पूजा

नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा की परंपरा है। पहली पूजा रात 12 बजे, दूसरी 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे और तीसरी शाम को महाकाल की संध्या आरती के बाद होगी।

नागचंद्रेश्वर और महाकाल के लिए अलग रूट

नागचंद्रेश्वर के सामान्य दर्शन के लिए प्रवेश कर्कराज पार्किंग की ओर से होगा, जबकि शीघ्र दर्शन के लिए हरसिद्धि पाल की ओर से प्रवेश दिया जाएगा। महाकाल के सामान्य दर्शन के लिए त्रिवेणी प्रवेश द्वार और शीघ्र दर्शन के लिए नीलकंठ द्वार निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से दर्शन कराने और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।

एक दिन में नागपंचमी, सावन सोमवार और महाकाल की सवारी

17 अगस्त को नागपंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी है। इसी दिन भगवान महाकाल की सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। तीनों आयोजनों के एक साथ होने से मंदिर और शहर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है।

9 जगह मेडिकल सेंटर, चार स्थानों पर एंबुलेंस

संभावित भीड़ को देखते हुए नौ स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं। यहां डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। कर्कराज पार्किंग, बड़ा गणेश मंदिर, त्रिवेणी सरफेस पार्किंग और महाकाल महालोक कंट्रोल रूम पर एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है। दर्शन मार्ग पर पेयजल और अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी जूता स्टैंड भी बनाए जाएंगे।

तीसरे तल पर विराजमान हैं नागचंद्रेश्वर

महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर है। यहां भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी के साथ फन फैलाए नाग पर विराजमान दिखाई देते हैं। प्रतिमा में भगवान शिव के गले और भुजाओं पर भी नाग लिपटे हुए हैं।

मान्यता है कि नागराज तक्षक ने भगवान शिव की तपस्या कर यहां वास का वरदान प्राप्त किया था। नागपंचमी पर यहां दर्शन-पूजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है।

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