छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप, ₹500 करोड़ का AI मिशन : नवा रायपुर में बनेगा ₹1,000 करोड़ का डेटा सेंटर पार्क; युवाओं को मिलेगा ₹10 लाख तक सीड फंड
News Affair Team
Sat, Aug 22, 2026
वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM साय का रोडमैप: 6 लाख छात्रों और 15 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग
नई दिल्ली.
छत्तीसगढ़ अब अपनी पहचान सिर्फ खनिज आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रखना चाहता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली के लीडर्स फोरम में प्रदेश को युवा, तकनीक और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था बनाने का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।
सीएम साय के मुताबिक, नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था 6.31 लाख करोड़ रुपए रही और विकास दर 11.57% दर्ज की गई।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
सरकार ने प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है। 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने की योजना है। इसके लिए युवाओं को शुरुआती स्तर पर कारोबार शुरू करने में मदद देने के लिए 10 लाख रुपए तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का फोकस ऐसे युवाओं को तैयार करने पर है, जो खुद का उद्यम शुरू करने के साथ दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।
₹500 करोड़ के AI मिशन में 100 लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सरकारी व्यवस्था और युवाओं की स्किलिंग से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए के AI मिशन की योजना रखी गई है।
इसके तहत:
100 AI लैब स्थापित की जाएंगी।
5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।
300 से ज्यादा AI स्टार्टअप को सहयोग दिया जाएगा।
6 लाख विद्यार्थियों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।
15 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण दिया जाएगा।
50 से ज्यादा AI आधारित सरकारी सेवाएं शुरू करने की योजना है।
नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ का डेटा सेंटर पार्क
तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नवा रायपुर में 1,000 करोड़ रुपए के डेटा सेंटर पार्क की योजना है। सरकार इसे प्रदेश के डिजिटल और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
डेटा सेंटर, AI, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को एक साथ बढ़ावा देने से नवा रायपुर को नए दौर के निवेश और रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है।
43 सेवाओं में समय पर फैसला नहीं तो स्वतः अनुमति
उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू किया गया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्योगों से जुड़े मामलों में तय समय सीमा के भीतर विभागीय निर्णय नहीं आने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ यानी स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।
इस व्यवस्था में 8 विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इसका मकसद उद्यमियों को दफ्तरों और फाइलों के चक्कर से राहत देना है। सरकार के मुताबिक, इस कानून से प्रदेश के करीब 15 लाख MSME को सीधे फायदा मिल सकता है।
खनिज से आगे टेक्नोलॉजी और उद्यमिता पर फोकस
मुख्यमंत्री के रोडमैप में साफ संकेत है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को पारंपरिक खनिज क्षेत्र के साथ-साथ स्टार्टअप, AI, डेटा सेंटर, तकनीक और नए उद्यमों से गति देने की तैयारी है। सरकार की कोशिश निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने की है।
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