गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 4 दोस्तों की मौत : ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार; शादी के 2 साल बाद पत्नी ने लगाया आखिरी सिंदूर
News Affair Team
Sat, Jun 13, 2026
उन्नाव/प्रयागराज.
Unnao में शुक्रवार दोपहर Ganga Expressway पर हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। तेज रफ्तार टाटा पंच कार सड़क किनारे खड़े एक खराब ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और चार दोस्तों की जान चली गई।
हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी मृतक प्रयागराज और प्रतापगढ़ के रहने वाले कारोबारी थे, जो शिमला घूमने के लिए निकले थे। यात्रा की शुरुआत हंसी-खुशी और सपनों के साथ हुई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यह सफर मातम में बदल गया।

हादसे से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें चारों दोस्त कार में बैठे हंसते-गाते नजर आ रहे हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

100 की स्पीड में हुआ भयानक टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे से अधिक थी। ट्रक पहले से खराब होकर सड़क किनारे खड़ा था। अचानक नियंत्रण खोने के कारण कार सीधे पीछे से ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन में बैठे लोग सीटों में फंस गए। पुलिस को क्रेन और कटर की मदद से शव बाहर निकालने पड़े।
घर पहुंचा शव तो टूटा परिवारों पर कहर
शनिवार सुबह जब चारों युवकों के शव उनके घर Prayagraj पहुंचे तो माहौल चीख-पुकार से भर गया। सबसे भावुक दृश्य अनुपम गुप्ता के घर का रहा, जहां पत्नी प्रिया अपने पति के शव से लिपटकर बेसुध हो गईं।
परिजनों की मौजूदगी में एक महिला ने सिंदूरदान की परंपरा निभाई। अनुपम की उंगली से प्रतीकात्मक सिंदूर लेकर पत्नी प्रिया की मांग में लगाया गया। इसके बाद वह फूट-फूटकर रो पड़ीं और पति के पैरों से लिपट गईं। मां बार-बार बेटे का चेहरा देखने की गुहार लगाती रहीं।
चार दोस्त, चार परिवार और टूटे सपने
मृतकों की पहचान फूलपुर निवासी उदय सिंह (26), अनुपम गुप्ता (32), बाबूगंज निवासी विजय (25) और प्रतापगढ़ के मांधाता निवासी अमन कश्यप (28) के रूप में हुई है।
अनुपम मोबाइल शॉप चलाते थे और शादीशुदा थे
विजय टेंट हाउस का कारोबार करते थे और तीन बच्चों के पिता थे
उदय फुटवियर शॉप के मालिक थे और परिवार के इकलौते सहारे थे
अमन कई व्यापारों से जुड़े थे और दोस्तों के साथ यात्रा पर निकले थे

शादी के दो साल बाद उजड़ गया सुहाग
अनुपम की शादी को अभी केवल दो साल ही हुए थे। पत्नी प्रिया के लिए यह क्षण सबसे दर्दनाक था, जब उन्हें आखिरी बार पति के नाम का सिंदूर लगाया गया। परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं।
‘सुहाग उतारने’ की परंपरा ने किया भावुक
परंपरा के अनुसार अंतिम विदाई में पत्नी की मांग का सिंदूर पोंछा जाता है और सुहाग से जुड़े प्रतीकों को हटाया जाता है। यह क्षण हर किसी के लिए भावनात्मक रूप से बेहद भारी रहा।
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