'21 जून को दोबारा होगी NEET परीक्षा' : भोपाल पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान बोले- छात्र भरोसा रखें, पढ़ाई पर ध्यान दें
News Affair Team
Sat, Jun 13, 2026
भोपाल.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने कहा है कि NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को पूरी पारदर्शिता और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जाएगी। शुक्रवार रात भोपाल पहुंचने पर उन्होंने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करें।
भोपाल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा अवधि में 15 मिनट की अतिरिक्त बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं और समाज के सभी वर्गों का सहयोग भी जरूरी है।
री-एग्जाम में बढ़ाया गया समय, रफ वर्क के लिए भी अतिरिक्त जगह
पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित की जा रही NEET-UG परीक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब परीक्षा 180 मिनट के बजाय 195 मिनट की होगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
NTA ने उत्तर पुस्तिका में रफ वर्क के लिए अतिरिक्त पेज भी उपलब्ध कराने का फैसला किया है। पहले जहां दो पेज दिए जाते थे, वहीं अब चार पेज मिलेंगे। इनमें दो पेज निर्देशों के तुरंत बाद और दो पेज उत्तर पुस्तिका के अंतिम हिस्से में होंगे। प्रश्न पुस्तिका का डिजाइन भी संशोधित किया गया है ताकि बाएं हाथ से लिखने वाले अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। ये सभी बदलाव अंग्रेजी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में होने वाली परीक्षाओं पर भी लागू होंगे।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया। मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। अब देशभर में पुनर्परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी।
पेपर सेटर्स रहेंगे पूर्ण निगरानी में
परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार पेपर सेटर्स को परीक्षा संपन्न होने तक नियंत्रित वातावरण में रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह की जानकारी बाहर न जा सके।
देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया बहुस्तरीय निगरानी के तहत की जा रही है।
प्रश्नपत्र पहुंचाने में एयरफोर्स की मदद
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन में भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जाएगा। परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और सामग्री की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इसके साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और ऑनलाइन गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है ताकि फर्जी प्रश्नपत्र, अफवाहें और संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।
विशेषज्ञों को भी नहीं पता होगा किस परीक्षा के लिए बना रहे सवाल
NTA भविष्य में प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था पर काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में विषय विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होगी कि उनके प्रश्न किस परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे।
इन प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में संग्रहित किया जाएगा, जहां हजारों प्रश्न उपलब्ध रहेंगे। बाद में तकनीकी प्रणाली की मदद से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे पेपर लीक की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
बंगाल की राजनीति पर भी बोले प्रधान
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति और तृणमूल कांग्रेस में कथित टूट के सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह वहां का आंतरिक विषय है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है और पार्टी को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति को लेकर बेहतर जवाब उसके नेता ही दे सकते हैं।
1 लाख से अधिक मेडिकल सीटों का प्रवेश द्वार है NEET
NEET देश में मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे बड़ी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसी परीक्षा के जरिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, BAMS, BHMS सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। देश के प्रमुख संस्थान जैसे AIIMS और JIPMER भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों का चयन करते हैं।
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