नागौद राजघराने की बहू पर फायरिंग, पेट में लगी गोली : अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर; आरोपी महिला को थाने में ‘VIP ट्रीटमेंट’
सतना.
मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित नागौद राजघराने की बहू संयोगिता सिंह को गोली मार दी गई। आरोप है कि परसमनिया गढ़ी में पारिवारिक विवाद के दौरान एक महिला ने उन पर ताबड़तोड़ नौ गोलियां दागी, जिसमें एक गोली उनके पेट में जा लगी। गंभीर रूप से घायल संयोगिता सिंह को पहले सतना और बाद में रीवा के विंध्य मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया।
घटना के बाद पूरे विंध्य क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आरोपी महिला को थाने में लॉकअप में रखने के बजाय कुर्सी पर बैठाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाए जाने का वीडियो सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

कौन हैं संयोगिता सिंह?
संयोगिता सिंह, नागौद से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी हैं। राजपरिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच कई वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए संयोगिता के मायके पक्ष के लोग राजस्थान के उदयपुर से नागौद पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को परसमनिया गढ़ी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मामला गोलीबारी तक पहुंच गया।
मां का आरोप- "दामाद कह रहा था, मारो-मारो"
घटना के बाद संयोगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गढ़ी में मौजूद सुनीता परिहार नाम की महिला ने उनकी बेटी पर लगातार गोलियां चलाईं।
नरेंद्र कुमारी के अनुसार, उनकी बेटी को गोली मारते समय दामाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा कथित तौर पर आरोपी महिला को उकसा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि "वह बार-बार कह रहा था- मारो, मारो।"
उन्होंने दावा किया कि फायरिंग खिड़की के जरिए की गई और कुल नौ राउंड फायर हुए, जिनमें से एक गोली संयोगिता के पेट में लगी।

"सात साल से साथ रह रही है महिला"
संयोगिता की मां का आरोप है कि सुनीता परिहार पिछले कई वर्षों से बाबा राजा के साथ रह रही है। उनका कहना है कि परिवार में तनाव की एक बड़ी वजह यही थी।
उन्होंने बताया कि राजपरिवार के बुजुर्ग सदस्य के निधन के बाद सुनीता परिहार गढ़ी में रहने लगी थी। गुरुवार को वे केवल बातचीत और समाधान के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे, लेकिन माहौल अचानक बिगड़ गया।
परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान संयोगिता को धक्का देकर बाहर निकाला गया और उसके बाद फायरिंग की गई।
ऑपरेशन के बाद खतरे से बाहर
रीवा स्थित विंध्य मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, संयोगिता सिंह का देर रात ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि गोली लगने के कारण स्थिति गंभीर थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सफल रहा है और फिलहाल मरीज खतरे से बाहर है। हालांकि अभी भी उन्हें निगरानी में रखा गया है। अस्पताल में राजपरिवार के सदस्य, रिश्तेदार और समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है।

गोली लगते ही भड़के परिजन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही संयोगिता सिंह को गोली लगी, उनके परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए परिजनों ने रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ मारपीट कर दी।
गढ़ी में मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बाद में स्थानीय लोगों और पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
आरोपी महिला गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में आरोपी महिला सुनीता परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, हथियार किसके नाम पर था और गोली चलाने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

थाने में आरोपी को कोल्ड ड्रिंक, वीडियो वायरल
मामले में नया विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में आरोपी को थाने के लॉकअप में रखने के बजाय कुर्सी पर बैठा देखा गया।
इतना ही नहीं, उसे कोल्ड ड्रिंक दिए जाने के भी दृश्य सामने आए। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि एक गंभीर आपराधिक मामले की आरोपी को विशेष सुविधाएं क्यों दी जा रही हैं।
हालांकि पुलिस अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
कई वर्षों से अलग रह रही थी बहू
राजपरिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि संयोगिता सिंह और बाबा राजा के रिश्तों में लंबे समय से खटास थी। इसी वजह से संयोगिता कई वर्षों से परसमनिया गढ़ी से अलग नागौद किले में रह रही थीं।
हाल ही में उनके माता-पिता और अन्य परिजन उदयपुर से नागौद पहुंचे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मुलाकात हिंसक टकराव में बदल गई।
गढ़ी में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद परसमनिया गढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन को आशंका है कि मामला राजपरिवार से जुड़ा होने के कारण तनाव बढ़ सकता है।
पुलिस लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
नागौद राजघराना: 500 साल से अधिक पुराना इतिहास
नागौद रियासत का इतिहास लगभग साढ़े पांच सौ वर्ष पुराना माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1478 में हुई थी। रियासत के अंतिम शासक राजा महेंद्र सिंह जूदेव थे, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद 1950 में अपनी रियासत का भारतीय संघ में विलय कर दिया था।
समय के साथ राजपरिवार की संपत्तियां और जागीरें परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच विभाजित हुईं। परसमनिया गढ़ी भी इन्हीं ऐतिहासिक जागीरों में से एक मानी जाती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। फायरिंग के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, संपत्ति विवाद या पारिवारिक तनाव में से कौन-सा कारण प्रमुख था, इसकी जांच की जा रही है।
संयोगिता सिंह के परिवार ने घटना को सुनियोजित हमला बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
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