ITBP जवानों ने घेरा कानपुर कमिश्नरेट : हथियारों के साथ 50 जवान पहुंचे; अस्पताल पर कार्रवाई न होने से नाराज
News Affair Team
Sun, May 24, 2026
कानपुर.
कानपुर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ITBP के 40-50 हथियारबंद जवान अचानक पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। वर्दी और हथियारों से लैस जवान पूरे परिसर में अलग-अलग जगहों पर खड़े हो गए। करीब एक घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
बताया जा रहा है कि जवान अपने साथी कमांडो विकास सिंह की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज थे। मामला उनकी मां के इलाज में कथित लापरवाही और हाथ काटने से जुड़ा है।
मां का हाथ काटने के बाद बढ़ा विवाद
ITBP की 32वीं बटालियन में तैनात कमांडो विकास सिंह की 56 वर्षीय मां निर्मला देवी का इलाज टाटमिल चौराहे स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हुआ था। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन या लापरवाही के कारण उनके हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके बाद डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा।
विकास सिंह का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से उनकी मां की हालत बिगड़ी, लेकिन शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
मां का कटा हाथ लेकर पहुंचे थे अफसरों के पास
कुछ दिन पहले विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मामला CMO कार्यालय भेजा गया, जहां जांच कमेटी बनाई गई, लेकिन रिपोर्ट में कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया।
इसी से नाराज होकर शनिवार को ITBP जवान अपने अफसरों के साथ पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए।
पुलिस और प्रशासन में मची हलचल
हथियारबंद जवानों को अचानक कमिश्नरेट में देखकर पुलिसकर्मियों में भी हलचल मच गई। हालांकि बाद में पुलिस कमिश्नर, CMO और ITBP अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर विपिन ताडा ने कहा कि यह कोई घेराव नहीं था। जवान अपॉइंटमेंट लेकर आए थे और मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे थे। अब दोबारा संयुक्त जांच कराई जाएगी।
CMO ने बनाई नई जांच टीम
CMO हरिदत्त नेमी ने बताया कि दो वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में नई जांच टीम बनाई गई है। इसमें पुलिस, ITBP और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। टीम अस्पताल के इलाज, मेडिकल रिकॉर्ड और सभी पक्षों के बयान लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी।
“मेरे सामने मां का हाथ काटा गया”
विकास सिंह ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें बचपन से पाला-पोसा और आज उनके सामने ही उनका हाथ काटना पड़ा। उन्होंने कहा कि सेना में रहने के बावजूद अगर वे अपनी मां को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं, तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी।
पहले भी अस्पताल पर लगे आरोप
ITBP के लायजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने दावा किया कि इसी अस्पताल में पहले भी ITBP की एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। उन्होंने अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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