कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश, पायलट-ट्रेनी की मौत : 11:30 बजे भरी उड़ान, 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास खेत में गिरा; 5 फीट की दीवार तोड़कर बिखरा मलबा
News Affair Team
Thu, Aug 27, 2026
कानपुर.
कानपुर में गुरुवार को ट्रेनिंग उड़ान के दौरान चार सीटर विमान हादसे का शिकार हो गया। विमान ने सुबह करीब 11:30 बजे उड़ान भरी थी। करीब 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास नत्था पुरवा इलाके में यह 5 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल से टकराकर खेत में जा गिरा। हादसे में इंस्ट्रक्टर पायलट सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक पुजारी की मौत हो गई।
विमान के जमीन पर गिरते ही उसके परखच्चे उड़ गए और मलबा खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। हालांकि, विमान में आग नहीं लगी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है।

200-250 फीट की ऊंचाई पर था विमान, अचानक डगमगाया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान हादसे से पहले करीब 200 से 250 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। अचानक विमान हवा में डगमगाने लगा और तेजी से नीचे आने लगा। कुछ ही सेकेंड में वह खेत में बनी बाउंड्री वॉल से जा टकराया।
ग्रामीणों ने बताया कि टक्कर के दौरान तेज आवाज हुई। विमान का एक हिस्सा टूटकर अलग हो गया और सीट समेत कई पुर्जे आसपास जा गिरे। मौके पर पहुंचे लोगों ने कॉकपिट के पास एक पायलट को फंसा देखा, जबकि दूसरा कुछ दूरी पर गंभीर हालत में पड़ा था।
दोनों को हैलट अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद दोनों घायलों को पुलिस की मदद से हैलट अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के ईएमओ डॉ. आरएस सिंह ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। मौत की विस्तृत वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगी। मृतकों की पहचान गुजरात निवासी इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी ट्रेनी अभिषेक पुजारी के रूप में हुई है।

इंस्ट्रक्टर के पास 3 हजार घंटे का फ्लाइंग अनुभव
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, विमान ने चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरी थी। इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया के पास करीब 3 हजार घंटे उड़ान का अनुभव बताया गया है। विमान 2023 में ट्रेनिंग के लिए लाया गया था।
हादसे की जानकारी DGCA को दे दी गई है। इसके अलावा Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने भी जांच शुरू कर दी है। DGCA की तीन सदस्यीय टीम के भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करने की जानकारी सामने आई है।
खेत में गिरा विमान, बस्ती करीब एक किमी दूर
हादसे की जगह के आसपास खेत हैं और रिहायशी इलाका करीब एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विमान आबादी के ऊपर गिरता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। जिस खेत में विमान गिरा, उसके मालिक सर्वेश ने बताया कि उन्हें फोन से हादसे की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचे तो विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त था और दोनों पायलट जमीन पर पड़े थे।

गर्ग एविएशन में 100 से ज्यादा युवा ले रहे ट्रेनिंग
हादसे का शिकार विमान कानपुर की गर्ग एविएशन फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी का बताया गया है। संस्थान की स्थापना 1995 में हुई थी। यहां 100 से ज्यादा युवक-युवतियां पायलट बनने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। एकेडमी के पास सिंगल इंजन और ट्विन इंजन दोनों तरह के विमान हैं।
फिलहाल हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी पहलुओं, उड़ान के दौरान उसकी स्थिति और हादसे से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।
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