‘जल्दी देश छोड़ो, नहीं तो होगा एक्शन’ : बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों पर सख्ती तेज; शुभेंदु बोले-घुसपैठियों को जेल में रखकर रोटी नहीं खिलाएंगे
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। मंगलवार को राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सख्त बयान देते हुए कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें पुलिस के हवाले किया जाए, जिसके बाद BSF उनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी करेगा। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों को जेल में रखकर सरकारी खर्च पर नहीं पाला जाएगा।

कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा
“जल्दी-जल्दी यहां से निकल जाओ, वरना कार्रवाई होगी। हम घुसपैठियों को जेल में रखकर रोटी नहीं खिलाएंगे। बांग्लादेश भी अपने नागरिकों को वापस लेने को तैयार है।”
उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है।
100 से ज्यादा विदेशी नागरिक बॉर्डर पहुंचे
इधर, उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर मंगलवार सुबह से 100 से ज्यादा विदेशी नागरिकों के जमा होने की खबर सामने आई है।
दावा किया जा रहा है कि ये लोग पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे थे और अब बांग्लादेश लौटने के लिए सीमा क्षेत्र में पहुंचे हैं।
मुर्शिदाबाद में पहला होल्डिंग सेंटर
पश्चिम बंगाल का Murshidabad जिला ऐसा पहला इलाका बन गया है, जहां तीन बांग्लादेशी नागरिकों को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है।
तीनों को भारत में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक उनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति लागू
राज्य सरकार ने हाल ही में सभी जिलों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने का निर्देश दिया है।
23 मई को जारी आदेश में कहा गया कि ऐसे केंद्रों में संदिग्ध विदेशियों को अधिकतम 30 दिनों तक रखा जा सकेगा। इस दौरान—
दस्तावेजों की जांच होगी
बायोमेट्रिक डेटा लिया जाएगा
जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड होगी
पहचान पूरी होने के बाद BSF को सौंपा जाएगा
अंतिम निर्णय जिला मजिस्ट्रेट या वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लेंगे।
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत कार्रवाई
सरकार के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया Immigration and Foreigners Act 2025 के तहत की जा रही है।
इस कानून में निगरानी, हिरासत और डिपोर्टेशन प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ा गया है। साथ ही कुछ पुलिस अधिकारियों को बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार भी दिया गया है।
CAA के तहत कुछ समुदायों को राहत
केंद्र सरकार ने Citizenship Amendment Act (CAA) के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए 7 अल्पसंख्यक समुदायों को राहत दी है।
31 दिसंबर 2024 तक भारत आए ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें नागरिकता कानून का लाभ मिल सकेगा।
BSF को सौंपी गई बॉर्डर की जमीन
घुसपैठ रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा से लगी 27 किलोमीटर जमीन Border Security Force को सौंप दी गई है। यहां फेंसिंग और सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने कहा है कि सीमा सुरक्षा के लिए भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर BSF को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
भारत-बांग्लादेश सीमा कितनी लंबी?
भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,097 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इसमें सबसे लंबी सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है।
पश्चिम बंगाल: 2,217 किमी
त्रिपुरा: 856 किमी
मेघालय: 443 किमी
मिजोरम: 318 किमी
असम: 262 किमी
गृह मंत्रालय के अनुसार अब तक करीब 3,240 किलोमीटर सीमा पर फेंसिंग की जा चुकी है।
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