अब WhatsApp और Instagram चलाने के लिए देने होंगे पैसे? : Meta के ‘Plus Version’ को लेकर फैला भ्रम; जानिए क्या है सच्चाई
नई दिल्ली.
मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। दावा किया जा रहा है कि अब इन ऐप्स को इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को पैसे देने होंगे। हालांकि, सच्चाई इससे अलग है।
दरअसल, मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स के लिए एक नया ‘Plus Version’ पेश किया है, जो पूरी तरह वैकल्पिक यानी ऑप्शनल सब्सक्रिप्शन मॉडल है। इसका मतलब यह नहीं कि आम यूजर्स से व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्राम या फेसबुक चलाने के लिए पैसे वसूले जाएंगे।
फ्री वर्जन पहले की तरह चलता रहेगा
मेटा के इस नए प्लस मॉडल में कुछ प्रीमियम फीचर्स दिए जाएंगे, लेकिन सामान्य यूजर्स के लिए मौजूदा फ्री वर्जन में कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी ने साफ किया है कि जो लोग अतिरिक्त फीचर्स चाहते हैं, वही इसके लिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।
यानी चैटिंग, कॉलिंग, रील्स देखना, पोस्ट शेयर करना और स्टेटस अपडेट जैसे सभी सामान्य फीचर्स पहले की तरह मुफ्त रहेंगे।
Plus Version में क्या मिलेगा खास
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लस वर्जन में यूजर्स को चैट स्क्रीन और ऐप इंटरफेस को ज्यादा कस्टमाइज करने का विकल्प मिलेगा।
इसमें शामिल हो सकते हैं:
प्रीमियम एनिमेटेड स्टिकर पैक
अलग-अलग चैट थीम
एक्सक्लूसिव ऐप आइकन डिजाइन
ज्यादा चैट पिन करने की सुविधा
खास रिंगटोन्स और नोटिफिकेशन साउंड
बताया जा रहा है कि प्रीमियम यूजर्स एक साथ 20 चैट तक पिन कर सकेंगे, जबकि सामान्य वर्जन में यह सीमा काफी कम है।
भारत में कितनी हो सकती है कीमत
भारत के लिए Meta ने अभी आधिकारिक कीमतों का ऐलान नहीं किया है। हालांकि टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp Plus का मासिक सब्सक्रिप्शन करीब 78 रुपए और Instagram Plus का प्लान लगभग 387 रुपए प्रति माह हो सकता है। हालांकि यह कीमतें अभी अनुमानित हैं और कंपनी की ओर से अंतिम पुष्टि बाकी है।
सोशल मीडिया पर फैला भ्रम
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि Meta अब WhatsApp और Instagram इस्तेमाल करने के लिए चार्ज वसूलने जा रही है। इसके बाद यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति बन गई।
लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मॉडल उसी तरह है जैसे कई ऐप्स अपने फ्री और प्रीमियम दोनों वर्जन चलाते हैं। जो यूजर अतिरिक्त सुविधाएं चाहते हैं, वे पैसे देकर प्रीमियम सर्विस ले सकते हैं, जबकि बाकी लोग सामान्य सेवा मुफ्त में इस्तेमाल करते रहेंगे।
यूजर्स पर कोई दबाव नहीं
Meta की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि Plus Version लेना पूरी तरह यूजर की पसंद होगी। अगर कोई यूजर सब्सक्रिप्शन नहीं लेता, तब भी उसके ऐप के मौजूदा फीचर्स बंद नहीं किए जाएंगे।
टेक इंडस्ट्री के जानकार इसे Meta की नई कमाई रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, जिसमें विज्ञापनों के अलावा प्रीमियम सर्विस से भी रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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