ताजमहल परिसर में कीर्तन : मुख्य मकबरे के नीचे ‘हरे कृष्णा-हरे राम’ कीर्तन का वीडियो वायरल; ASI ने CISF से मांगी रिपोर्ट
News Affair Team
Thu, May 28, 2026
आगरा.
ताजमहल परिसर में कथित तौर पर धार्मिक कीर्तन का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में 30 से 35 लोग मुख्य मकबरे के नीचे स्थित चमेली फर्श पर बैठकर ‘हरे कृष्णा-हरे राम’ का कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। वायरल क्लिप के सामने आने के बाद ASI ने CISF से रिपोर्ट तलब की है।
करीब 1 मिनट 2 सेकंड के वीडियो में एक व्यक्ति भगवा वस्त्र पहने दिखाई दे रहा है। उसके सामने महिलाएं और युवतियां बैठी नजर आ रही हैं, जबकि आसपास अन्य पर्यटक भी घूमते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में बैकग्राउंड में ताजमहल और यमुना नदी से जुड़ी जानकारी सुनाई दे रही है, जिससे माना जा रहा है कि उसी दौरान कोई गाइड पर्यटकों को स्मारक के बारे में जानकारी दे रहा था।
ASI ने शुरू की जांच
ASI के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर ने बताया कि वायरल वीडियो को लेकर CISF से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि यह जांच की जा रही है कि वीडियो हाल का है या पुराना। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ताजमहल में धार्मिक गतिविधियों पर सख्त नियम
ताज महल एक संरक्षित स्मारक है और यहां धार्मिक गतिविधियों को लेकर कड़े नियम लागू हैं।
स्मारक परिसर में केवल शुक्रवार, रमजान और ईद के अवसर पर नमाज की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की इजाजत नहीं है।

ताजमहल में प्रवेश के प्रमुख नियम
केवल अधिकृत सुरक्षा कर्मियों को ही हथियार के साथ प्रवेश की अनुमति होती है।
परिसर में खाने-पीने की सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है। सिर्फ पानी की बोतल ले जाई जा सकती है।
किसी भी प्रकार के झंडे या प्रचार सामग्री वाले कपड़े अंदर नहीं ले जाए जा सकते।
वीआईपी समेत हर व्यक्ति की सुरक्षा जांच अनिवार्य होती है।
मुख्य गुंबद क्षेत्र में जूते पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं होती, इसके लिए शू कवर जरूरी होता है।
मीडिया उपकरण और माइक ले जाने पर भी पाबंदी रहती है।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही किसी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
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