इजराइली PM बोले- भारत में इजरायल के लिए पागलपन भरा प्यार : कई देशों में नकारात्मक माहौल; नेतन्याहू का गाजा के 70% हिस्से पर कब्जे का आदेश
तेल अवीव.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी में सैन्य कार्रवाई और वैश्विक समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में इजराइल को आलोचना और वैधता के संकट का सामना करना पड़ता है, वहीं भारत इस मामले में अपवाद है।
नेतन्याहू ने कहा,
भारत में इजरायल के प्रति एक तरह का गहरा और भावनात्मक जुड़ाव है, सचमुच बहुत ज्यादा। मुझे लगता है कि मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स भी भारत से ही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों में इजराइल के खिलाफ नकारात्मक माहौल है, लेकिन भारत में स्थिति अलग है।
इसी बयान के साथ उन्होंने गाजा में चल रहे सैन्य अभियान पर भी अपनी बात दोहराई। वेस्ट बैंक में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि इजराइली सेना फिलहाल गाजा के करीब 60% हिस्से पर नियंत्रण रखती है और इसे बढ़ाकर 70% तक ले जाने का लक्ष्य है।
चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल लगातार हमास पर दबाव बना रहा है और सैन्य कार्रवाई को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भीड़ से “100% नियंत्रण” की आवाज आने पर उन्होंने कहा कि रणनीति धीरे-धीरे आगे बढ़ने की है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है और सीजफायर समझौते के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर 2025 में हुए समझौते के तहत इजराइली सेना को एक तय ‘येलो लाइन’ के पीछे जाना था, जिसके बाद गाजा का लगभग 53% हिस्सा इजराइल के नियंत्रण में था।
इजराइल ने कहा- ये सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियान
हालांकि फिलिस्तीनी पक्ष का आरोप है कि इजराइल धीरे-धीरे इस सीमा को आगे बढ़ा रहा है और अब कई क्षेत्रों में नियंत्रण 60% से अधिक हो चुका है। वहीं इजराइल का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा है।
गाजा में लाखों लोग विस्थापित
इस बीच मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार गाजा में लाखों लोग विस्थापित हैं और सीमित क्षेत्र में जीवन जीने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्षेत्र और सिकुड़ता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार इस स्थिति पर चिंता जताते हुए नागरिकों की सुरक्षा और संघर्ष में कमी की अपील कर रही हैं।
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