सपा सांसद की पूर्व पत्नी ने BJP नेता से शादी की : मोनिका यादव ने हिमाचल में गौरव चौधरी संग लिए सात फेरे; CM आवास में हुई थी पहली मुलाकात
News Affair Team
Sat, May 30, 2026
मेरठ/फर्रुखाबाद.
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी और फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने भाजपा नेता गौरव चौधरी के साथ विवाह कर लिया है। दोनों ने हिमाचल प्रदेश में पारिवारिक समारोह के बीच सात फेरे लिए। शादी में दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और रिश्तेदार शामिल हुए।
मोनिका यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वहीं गौरव चौधरी मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। दोनों की यह दूसरी शादी है। दोनों की पहली मुलाकात मुख्यमंत्री आवास में हुई थी, इसके बाद दोनों एक-दूसरे के नजदीक आ गए।

राजनीतिक परिवार से आती हैं मोनिका यादव
मोनिका यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव कई बार विधायक रहे और प्रदेश की विभिन्न सरकारों में मंत्री पद संभाल चुके हैं। समाजवादी राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है और वे मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते थे।
परिवार की राजनीतिक विरासत इससे भी पुरानी है। मोनिका के दादा राजेंद्र सिंह यादव भी प्रदेश की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे और कई बार विधायक चुने गए। ऐसे में मोनिका राजनीति से जुड़े परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं।



धर्मेंद्र यादव से शादी और फिर अलगाव
मुलायम सिंह यादव परिवार से करीबी संबंधों के चलते मोनिका यादव का विवाह अखिलेश यादव के चचेरे भाई और वर्तमान आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव से हुआ था। हालांकि वैवाहिक जीवन अधिक समय तक नहीं चल सका और दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ती गईं।
राजनीतिक गलियारों में उस समय भी इस रिश्ते को लेकर काफी चर्चा रही थी। बाद में दोनों के बीच कानूनी रूप से तलाक हो गया। इसके बाद धर्मेंद्र यादव ने दूसरी शादी कर ली, जबकि मोनिका ने अपना राजनीतिक सफर जारी रखा।
भाजपा में शामिल होने के बाद बदली राजनीतिक दिशा
साल 2021 के पंचायत चुनाव से पहले मोनिका यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा के समर्थन के साथ उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पद की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष बनने में सफल रहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक पहचान और प्रभाव क्षेत्र दोनों का विस्तार हुआ।
जर्मनी से लौटकर राजनीति में आए गौरव चौधरी
गौरव चौधरी की राजनीतिक यात्रा भी काफी दिलचस्प मानी जाती है। मेरठ जिले के कुसेड़ी गांव के रहने वाले गौरव उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे। वहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की पढ़ाई पूरी की और बाद में होटल, रियल एस्टेट तथा थोक कारोबार के क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित किया।
विदेश में सफल कारोबारी जीवन के बावजूद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया। वर्ष 2021 में राजनीति में कदम रखते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और बाद में मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष बने। कम समय में उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
विकास की चर्चा से शुरू हुई दोस्ती
सूत्रों के अनुसार मोनिका यादव और गौरव चौधरी की पहली मुलाकात उत्तर प्रदेश सरकार के एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। पंचायतों के विकास मॉडल और प्रशासनिक नवाचारों को लेकर आयोजित बैठक में दोनों आमने-सामने आए थे।
बताया जाता है कि विकास योजनाओं, प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय शासन से जुड़े विषयों पर हुई बातचीत धीरे-धीरे व्यक्तिगत रिश्ते में बदल गई। करीब एक वर्ष से दोनों के बीच नियमित संपर्क था और परिवारों की सहमति के बाद विवाह का निर्णय लिया गया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी शादी
दो अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों से जुड़े नेताओं का यह विवाह प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर मोनिका यादव समाजवादी परिवार से जुड़ी रही हैं, वहीं दूसरी ओर गौरव चौधरी भाजपा की राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं। ऐसे में इस शादी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चाएं तेज हैं।
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