यूपी में निर्माणाधीन पुल गिरा, 6 की मौत : अफसर बोले- आंधी-तूफान से हादसा, 11 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 3 को बचाया गया
News Affair Team
Fri, May 29, 2026
लखनऊ.
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब तेज आंधी-तूफान के दौरान भरभराकर गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि मलबे में फंसे 3 मजदूरों को एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना लालपुरा थाना क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले पुल निर्माण स्थल पर हुई।
हादसा शुक्रवार तड़के करीब 1 से 2 बजे के बीच हुआ। उस समय पुल निर्माण का काम नाइट शिफ्ट में चल रहा था। भीषण गर्मी के कारण मजदूरों से रात में काम कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि अचानक आए तेज तूफान और बारिश के कारण पुल का भारी स्लैब और सपोर्ट सिस्टम हिल गया, जिससे पूरा हिस्सा नीचे गिर पड़ा। कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
11 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। रात ढाई बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह तक चलता रहा। करीब 11 घंटे बाद पिलर के पास फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।





मृतकों में 4 बांदा, 2 हमीरपुर जिले के
मृतकों में 4 मजदूर बांदा और 2 हमीरपुर जिले के बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी मजदूर सुरेश कुमार ने बताया-
पुल पर दो शिफ्ट में काम हो रहा था। पहली शिफ्ट के मजदूर नीचे आराम कर रहे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी ऊपर काम कर रहे थे। तेज आंधी आते ही मजदूर बचने के लिए पुल पर लेट गए, लेकिन तभी स्लैब टूटकर गिर पड़ा।
92 करोड़ की लागत से हो रहा था पुल का निर्माण
करीब 90 से 92 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस दो लेन पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की निगरानी में किया जा रहा था। निर्माण का जिम्मा कानपुर की ‘द सेल्टर कंपनी’ को दिया गया था। लगभग 700 मीटर लंबे इस पुल का काम मार्च 2024 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना था।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

प्रारंभिक जांच में आंधी-तूफान से हादसा
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आंधी-तूफान की वजह से सपोर्ट सिस्टम कमजोर होने की बात सामने आई है। पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी। पुल के निर्माण की थर्ड पार्टी ऑडिट आईआईटी बीएचयू द्वारा की जा रही थी।
रात में मजदूरों से कराया जा रहा था काम
वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हादसे में लापरवाही की आशंका जताई है। हमीरपुर नगर पालिका परिषद चेयरमैन कुलदीप निषाद ने कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही तेज तूफान और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद मजदूरों से रात में काम कराया जा रहा था, इसलिए जिम्मेदारों की भूमिका की जांच जरूरी है।
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