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30th May 2026

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पटवारी का नोट गिनते वीडियो वायरल; ACB ने बाबू और क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ा

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सुशासन तिहार में घूसखोरी : पटवारी का नोट गिनते वीडियो वायरल; ACB ने बाबू और क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ा

News Affair Team

Sat, May 30, 2026

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के तीन अलग-अलग मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि ये मामले सुशासन तिहार में ही सामने आए हैं।

कोरबा और रायगढ़ जिलों में सामने आए मामलों में एक पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ है, जबकि दो सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

तीनों मामलों में कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों के कामकाज और भ्रष्टाचार पर फिर बहस तेज हो गई है।

टेबल के नीचे नोट गिनते दिखा पटवारी

कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कार्यालय के भीतर टेबल के नीचे नोट गिनते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि किसी ग्रामीण ने लेन-देन के दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया था।

वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों के बीच नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबे समय से पैसों की मांग की जाती रही है।

किसानों ने लगाए वसूली के आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वन पट्टा ऑनलाइन कराने के लिए हजारों रुपए और फौती नामांतरण जैसे मामलों में अलग से रकम मांगी जाती थी। आरोप है कि बिना पैसे दिए फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जाती थीं और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आदिवासी और गरीब किसान सबसे ज्यादा परेशान होते थे। एक ग्रामीण से कथित रूप से फौती नामांतरण के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी, उसी दौरान वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।

SDM ने किया निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने पटवारी विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पसान तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है।

जानकारी के अनुसार, विनोद अग्रवाल के पास पिपरिया हल्के के साथ सिर्री हल्के का अतिरिक्त प्रभार भी था। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों क्षेत्रों में इसी तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

रायगढ़ में क्लर्क 60 हजार लेते पकड़ा गया

रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्लर्क तुलाराम पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल ने आरोप लगाया था कि बी-1 रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB ने जाल बिछाया और 60 हजार रुपए लेते समय आरोपी को पकड़ लिया।

ACB अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सुशासन तिहार में बाबू गिरफ्तार

कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में आयोजित समाधान शिविर के दौरान भी रिश्वतखोरी का मामला सामने आया। ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के बीच ACB ने सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे थे। आरोप है कि काम करने के एवज में उनसे 40 हजार रुपए की मांग की गई।

पीड़ित ने बिलासपुर ACB से शिकायत की, जिसके बाद सत्यापन कराया गया। शुक्रवार को शिकायतकर्ता द्वारा रकम दिए जाने के दौरान पहले से तैनात टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया।

पुराने मामलों की भी होगी जांच

ACB सूत्रों के मुताबिक, प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब यह जांच की जा रही है कि समाधान शिविर और अन्य कार्यों में कहीं और भी अवैध वसूली तो नहीं की गई।

लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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