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25th May 2026

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BPCL ने कहा- संकट जारी रहा तो दाम बढ़ना तय; 9 दिन में तीन बार बढ़ी कीमतें

पेट्रोल-डीजल की फिर हो सकता है महंगा : BPCL ने कहा- संकट जारी रहा तो दाम बढ़ना तय; 9 दिन में तीन बार बढ़ी कीमतें

News Affair Team

Sun, May 24, 2026

नई दिल्ली.

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आने वाले दिनों में फिर बढ़ सकती हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के डायरेक्टर राज कुमार दुबे ने कहा है कि अगर वैश्विक ऊर्जा संकट इसी तरह बना रहा तो ईंधन के दामों में एक और बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

देश में पिछले 9 दिनों में तीन बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। 23 मई को तेल कंपनियों ने औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले 15 मई को कीमतों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हुआ था।

सरकार और कंपनियों के सामने तीन विकल्प

राज कुमार दुबे ने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट संकट की वजह से कच्चे तेल के बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे हालात में सरकार और तेल कंपनियों के पास अब सीमित विकल्प बचे हैं।

उन्होंने कहा कि फिलहाल तीन रास्तों पर विचार किया जा रहा है—

  • पेट्रोल पंपों पर सीधे कीमतें बढ़ाई जाएं

  • तेल कंपनियां खुद घाटा झेलें

  • सरकार वित्तीय मदद देकर कंपनियों को सपोर्ट करे

दुबे के मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय तक नुकसान उठाना आसान नहीं होगा।

ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान

BPCL डायरेक्टर ने कहा कि शुरुआत में माना जा रहा था कि वैश्विक तेल संकट अस्थायी होगा और कीमतों में 20 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कुछ समय बाद सामान्य हो जाएगी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। कई तेल सुविधाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें दोबारा सामान्य करने में लंबा समय लग सकता है।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अगली बढ़ोतरी कितनी हो सकती है।

रूस और अफ्रीका से बढ़ी तेल सप्लाई

दुबे ने बताया कि भारत ने अब तेल आयात के स्रोतों में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां भारत सीमित सप्लाई पॉइंट्स पर निर्भर था, अब रूस, अफ्रीका समेत कई देशों से तेल खरीदा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले भारत के पास करीब 20 सप्लाई पॉइंट्स थे, जो अब बढ़कर 40 हो चुके हैं। इससे सप्लाई चेन को ज्यादा सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।

मिडिल ईस्ट संकट का असर

मिडिल ईस्ट में तनाव तब बढ़ा था जब फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर हमले किए।

हालांकि अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की घोषणा हुई, लेकिन बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

युद्ध के दौरान ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। यह समुद्री रास्ता दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं।

देश के कई शहरों में पेट्रोल 110 के पार

तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब देशभर में दिखाई दे रहा है। भोपाल, पटना और कोलकाता जैसे शहरों में पेट्रोल 110 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।

रायपुर में पेट्रोल 105.36 रुपए और डीजल 98.47 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 108 रुपए से ज्यादा पहुंच गया है।

लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों और मिडिल क्लास परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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