सरकारी टीचर ने फुफेरी बहन को 'राहुल' बनवाकर की शादी : जेंडर बदलवाने के लिए 8 लाख का लोन भी लिया; मंदिर में पहनाई वरमाला
पटना.
बिहार के जमुई जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। BPSC से चयनित सरकारी शिक्षिका नयनश्री कुमारी ने अपनी ही फुफेरी बहन राखी कुमारी (जेंडर ट्रांजिशन के बाद राहुल) से मंदिर में शादी कर ली। इस घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया और नवविवाहित जोड़ा फिलहाल लापता बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह शादी 31 मई 2026 को जमुई के लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में हुई थी।

मंदिर में हुई शादी, सीमित लोग बने गवाह
मंदिर में हुई इस शादी के दौरान नयनश्री और राहुल (पूर्व नाम राखी) ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किया। कार्यक्रम में बेहद सीमित लोग मौजूद थे।
शादी के बाद दोनों कुछ समय के लिए राहुल के गांव भी पहुंचे, जहां पारिवारिक परंपराओं के अनुसार कुछ रस्में निभाई गईं।
बचपन से साथ, पढ़ाई से शुरू हुआ रिश्ता
दोनों का संबंध बचपन से पारिवारिक स्तर पर जुड़ा था। रिश्ते में दोनों फुफेरी बहनें हैं और वर्षों से एक-दूसरे के घर आना-जाना रहा है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों ने 2019 में मैट्रिक की परीक्षा एक साथ पास की थी। इसके बाद कोचिंग और ग्रेजुएशन के दौरान दोनों लंबे समय तक साथ रहीं। धीरे-धीरे यह नजदीकियां रिश्ते में बदल गईं।
2023 में दोनों ने BPSC की तैयारी के लिए पटना में साथ रहकर पढ़ाई की, जहां उनकी नजदीकियां और बढ़ीं।
8 लाख का लोन लेकर हुआ जेंडर ट्रांजिशन
स्थानीय वार्ड सदस्य के अनुसार, राखी कुमारी ने लगभग छह महीने पहले जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए नयनश्री ने कथित रूप से करीब 8 लाख रुपये का बैंक लोन लिया था।
बताया जाता है कि नयनश्री का मानना था कि सरकारी नौकरी में रहते हुए अगर वह खुद यह प्रक्रिया अपनातीं तो करियर पर असर पड़ सकता था, इसलिए यह फैसला लिया गया।
इसके बाद राखी ने दिल्ली स्थित AIIMS में सर्जरी कराई और जेंडर ट्रांजिशन के बाद वह राहुल के रूप में सामने आई।
नौकरी और सफलता के बीच बढ़ा विवाद
नयनश्री ने 2025 में BPSC परीक्षा पास कर शिक्षक पद हासिल किया और वर्तमान में जमुई के लक्ष्मीपुर स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं।
इसी बीच यह व्यक्तिगत संबंध धीरे-धीरे विवाद का कारण बन गया।
शादी के बाद परिवारों में तनाव
शादी की जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया। राहुल की बहन का आरोप है कि नयनश्री के परिवार ने घर पहुंचकर हंगामा किया और गेट तक तोड़ने की कोशिश की।
इसके बाद दोनों को कथित रूप से पीछे के रास्ते से वहां से भेज दिया गया। फिलहाल दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
परिवार बोले- रिश्तों की गंभीरता बाद में पता चली
राहुल की मां का कहना है कि दोनों बालिग हैं और लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि उन्हें रिश्ते की गंभीरता का अंदाजा बाद में चला।
वहीं राहुल की बहन के अनुसार, परिवार को इस शादी की कोई जानकारी पहले से नहीं थी और अचानक सामने आने से स्थिति बिगड़ गई।
ग्रामीण बोले- कम बोलती थी
गांव में लोग नयनश्री को शांत और साधारण स्वभाव की लड़की के रूप में याद करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कम बोलने वाली और अपने काम से काम रखने वाली छात्रा रही है।
पुलिस बोली- दोनों बालिग, अपनी मर्जी के मालिक
घटना के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। दोनों बालिग हैं, इसलिए कानूनी रूप से वे अपनी इच्छा से निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
कानून क्या कहता है
भारतीय कानून में फिलहाल दो महिलाओं के बीच विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था।
वहीं 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था। ऐसे मामलों में बालिग सहमति से साथ रह सकते हैं, लेकिन विवाह को कानूनी दर्जा नहीं मिलता।
मामला अब भी रहस्य
फिलहाल नयनश्री और राहुल दोनों का कोई पता नहीं है। उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। यह मामला अब केवल एक शादी नहीं बल्कि सामाजिक, कानूनी और पारिवारिक बहस का विषय बन गया है, जिस पर पूरे इलाके की नजरें टिकी हैं।
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