अब जशपुर में दौड़ेगी ट्रेन : धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को मिली मंजूरी; व्यापार, पर्यटन, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
News Affair Team
Sun, Jun 14, 2026
जशपुर.
केंद्र सरकार ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही पहली बार जशपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। करीब 292 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन जिले की कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगी।
यह रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। लंबे समय से रेल संपर्क की मांग कर रहे जशपुरवासियों के लिए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है। रेल अधिनियम 1989 के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय आधारभूत संरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना जारी होते ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावी हो गई है।

दशकों का इंतजार खत्म, रेल मानचित्र पर आएगा जशपुर
प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन संभावनाओं से भरपूर जशपुर अब तक रेल सुविधा से वंचित रहा है। जिले के लोगों को यात्रा, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने के बाद यह स्थिति बदलने की उम्मीद है।
रेल संपर्क मिलने से जिले के हजारों विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यात्रा का समय और लागत दोनों कम होंगे।
किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार
जशपुर जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, फल-सब्जियों और बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल नेटवर्क से जुड़ने के बाद यहां के उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन लागत घटने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय कृषि उत्पाद राष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
पर्यटन उद्योग को मिलेगी नई गति
घने जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध जशपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
इससे होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच
नई रेल परियोजना से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। वहीं गंभीर मरीजों को रायपुर, रांची और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाना भी आसान होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में जिले को मिलेगा।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
रेल लाइन के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। बेहतर परिवहन व्यवस्था के कारण उद्योगों और निवेशकों की रुचि भी क्षेत्र में बढ़ सकती है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों का मानना है कि यह परियोजना जशपुर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
विकास की नई पटरी पर जशपुर
परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जिले में उत्साह का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह केवल रेल लाइन नहीं, बल्कि जशपुर के लिए विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के नए द्वार खोलने वाली परियोजना है।
दशकों के इंतजार के बाद रेल मानचित्र पर जशपुर की मौजूदगी सुनिश्चित होने जा रही है। ऐसे में धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना को जिले के विकास की सबसे बड़ी आधारभूत उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
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