5 फीट पानी में डूबा प्रयागराज, हाईकोर्ट सख्त : नगर आयुक्त साईं तेजा को 24 घंटे का अल्टीमेटम; 25 अगस्त को फिर पेश हों
News Affair Team
Fri, Aug 21, 2026
प्रयागराज.
चार दिन की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में 3 से 5 फीट तक पानी भरने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा को निर्देश दिया है कि अगले 24 घंटे में जलभराव वाले निचले इलाकों से पानी निकाला जाए। इसके लिए जरूरत के मुताबिक पर्याप्त संख्या में वाटर पंप लगाने को कहा गया है।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त करीब दो घंटे तक कोर्ट के सामने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था और तैयार कार्ययोजना की जानकारी देते रहे। कोर्ट ने उन्हें प्रभावित इलाकों की एरिया-वाइज रिपोर्ट और तत्काल कार्ययोजना अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया है।

पंप से पानी निकालना ही स्थायी समाधान नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल लोगों को जलभराव से राहत देना प्राथमिकता है, लेकिन समस्या का समाधान सिर्फ पंप लगाकर पानी निकालने तक सीमित नहीं रह सकता। शहर में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करनी होगी।
राज्य सरकार की ओर से भी कोर्ट को बताया गया कि प्रयागराज की जलनिकासी समस्या के स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी। उस दिन नगर आयुक्त को फिर कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

2014 में भी उठा था जलभराव का मामला
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट टीपी सिंह और अमरेंद्र नाथ सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस बार प्रयागराज में जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने 2014 में दाखिल उस जनहित याचिका का भी उल्लेख किया, जिसमें हाईकोर्ट ने जलभराव की समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे।
अधिवक्ताओं ने 2006 में जल संरक्षण के लिए चिन्हित किए गए तालाबों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कई तालाबों को पाट दिए जाने से बारिश के पानी की निकासी प्रभावित हुई है।
हर इलाके की रिपोर्ट देनी होगी
हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त से जलभराव प्रभावित सभी क्षेत्रों की एरिया-वाइज रिपोर्ट मांगी है। इसमें बताया जाएगा कि किस इलाके में पानी निकालने के लिए क्या व्यवस्था की गई, कितने पंप लगाए गए और जलनिकासी की स्थिति क्या है।
जलभराव से बीमारियों का खतरा देखते हुए कोर्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सैनिटाइजेशन और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे को मामले में एमिकस क्यूरी (वाद मित्र) बनाया गया है। वह जलभराव से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर कोर्ट की सहायता करेंगे।
7 हजार परिवारों को झेलना पड़ा जलभराव
प्रयागराज में रविवार रात करीब 1 बजे शुरू हुई बारिश बुधवार रात तक जारी रही। लगातार बारिश के बाद जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, अलोपीबाग, बैरहना और प्रीतम नगर समेत कई इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में 3 से 5 फीट तक पानी पहुंच गया था।
जलभराव के कारण करीब 7 हजार परिवारों को घरों की छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। पॉश इलाकों में भी सड़क और घरों में पानी भरने से शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठे। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका कायम की है।
नए पंपिंग स्टेशन और चौड़ी होंगी नालियां
प्रशासन की ओर से बताया गया कि भविष्य में जलभराव रोकने के लिए शहर की जमीन की बनावट और मौजूदा जलनिकासी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
इसमें नए पंपिंग स्टेशन बनाने, नई ड्रेन्स और नालियां विकसित करने, पुरानी संकरी नालियों को चौड़ा करने और चोक पॉइंट्स को स्थायी रूप से ठीक करने की योजना शामिल है।
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