प्रयागराज में बारिश ने खोली ‘स्मार्ट सिटी’ की पोल : 209 MM पानी से 6 हजार घर डूबे; अखिलेश बोले- अब 'जलराजनगर' नाम किया जाएगा
News Affair Team
Wed, Aug 19, 2026
हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद प्रशासन हरकत में; 6 PCS अफसरों को मिली जिम्मेदारी, हर 3 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट
प्रयागराज.
तीन दिन की लगातार बारिश ने प्रयागराज की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के जलभराव पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ के दौरान हुए विकास कार्यों और स्मार्ट डेवलपमेंट पर सवाल उठाते हुए इसे कथित भ्रष्टाचार का “जीता-जागता और बहता-बहाता प्रमाण” बताया। वहीं पूर्व मेयर अभिलाषा गुप्ता ने बिना किसी का नाम लिए तंज कसा— “ऐसे तो हालात ना थे कभी, जैसे ये नजारे हैं।”
इधर, जलभराव की गंभीर स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान और अफसरों को तलब किए जाने के बाद प्रशासन ने छह PCS अधिकारियों की टीम बनाकर उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को मौके पर रहकर जलनिकासी, सफाई, बिजली, राशन और दवाओं की व्यवस्था देखने के साथ हर तीन घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
तस्वीरों में देखिए बारिश से हाल...




209 MM बारिश, 6 हजार घरों में पानी
पिछले तीन दिनों में करीब 209 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके बाद करेली, मुंडेरा, चकिया, जॉर्ज टाउन, राजापुर, मालवीय नगर, निरंजन डॉट पुल और चौफटका समेत कई इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया।
करीब 6 हजार घरों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। अकेले करेली में करीब 2 हजार घर प्रभावित हैं। कई परिवार छतों पर रहने को मजबूर हैं, जबकि कई लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। हॉस्टल में पानी भरने के बाद कई छात्र अपना सामान लेकर घर लौट गए।
हाईकोर्ट ने अफसरों को तलब किया, फिर बनी टीम
जलभराव की स्थिति का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त साई तेजा को तलब किया।
भारी जलभराव के कारण जजों और वकीलों को भी कोर्ट पहुंचने में परेशानी हुई थी। कोर्ट की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए अधिकारियों को मैदान में उतारा।
इन 6 अफसरों को सौंपी गई शहर की जिम्मेदारी
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने शहर के अलग-अलग इलाकों के लिए छह PCS अधिकारियों की तैनाती की है—
कोतवाली, शाहगंज और करेली: विनय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
शिवकुटी और कर्नलगंज: ज्ञानेन्द्रनाथ, एसीएम-1
सिविल लाइंस, कैंट और धूमनगंज: सुरेंद्र प्रताप यादव, एसीएम-2
अतरसुइया और मुट्ठीगंज: सै. सानिया सोनम एजाज, एसीएम-3
जार्जटाउन, कीडगंज और दारागंज: शैलेंद्र कुमार, एसीएम-4
पूरामुफ्ती और एयरपोर्ट: अंकित कुमार वर्मा, एसडीएम सदर
इन अधिकारियों को नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल जलनिकासी, सफाई, बिजली, राशन और दवाओं की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। हर तीन घंटे में अपने क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी।
43 पंपों से पानी निकालने की कोशिश
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने नगर आयुक्त साई तेजा और संबंधित अधिकारियों के साथ जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन और संगम पेट्रोल पंप समेत प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
फिलहाल 43 पंप पानी निकालने में लगाए गए हैं। इनकी कुल पंपिंग क्षमता 132.50 एमएलडी है। मंडलायुक्त ने जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त पंप लगाकर जलनिकासी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मुंडेरा में 500 घर डूबे, दो दिन से नहीं जला चूल्हा
मुंडेरा में करीब 500 घर पानी से घिरे हैं। कई मकानों में दो से तीन फीट तक पानी पहुंच गया है। लोगों का घरेलू सामान, बिस्तर, कपड़े और फर्नीचर खराब हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घरों से निकल नहीं रहा। कई परिवार खाना तक नहीं बना पा रहे हैं। लोगों को लाई-चना और दूसरे तैयार खाद्य पदार्थों के सहारे रहना पड़ रहा है।

सड़क से रेलवे ट्रैक तक पानी
बारिश का असर रेलवे और सरकारी कार्यालयों तक पहुंच गया है। रामबाग रेलवे स्टेशन के तीन ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। जॉर्ज टाउन थाने में भी पानी भर गया। कई डॉट पुल और प्रमुख सड़कें जलमग्न हैं।
गोहरी-मोहनगंज में बारिश के दौरान पांच मकान ढहने की भी जानकारी सामने आई है। कई परिवारों को रात में सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
गंगा-यमुना बढ़ीं, लेकिन खतरे के निशान से नीचे
बारिश के बीच गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 8 से शाम 4 बजे के बीच नैनी में यमुना का जलस्तर 21 सेंटीमीटर, छतनाग में गंगा 16 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा 8 सेंटीमीटर बढ़ी। हालांकि फिलहाल सभी प्रमुख गेज स्टेशन खतरे के निशान से काफी नीचे हैं और प्रशासन के अनुसार तटबंध सुरक्षित हैं।
अखिलेश ने महाकुंभ के खर्च पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज के जलभराव की तस्वीर साझा करते हुए महाकुंभ के दौरान हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाया। उन्होंने स्मार्ट डेवलपमेंट के नाम पर खर्च की गई रकम को शहर की मौजूदा स्थिति से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी पूछा कि क्या अब इलाहाबाद का नाम बदलकर “जलराजनगर” किया जाएगा।

पूर्व मेयर अभिलाषा की पोस्ट भी चर्चा में
पूर्व मेयर और पूर्व कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। उन्होंने लिखा— “ऐसे तो हालात ना थे कभी, जैसे ये नजारे हैं।”

हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी पोस्ट को शहर की मौजूदा जलभराव व्यवस्था पर टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
शहर के साथ गांवों पर भी नजर
प्रशासन ने शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है। करछना, बारा, मेजा, कोरांव, सोरांव, फूलपुर और हंडिया के एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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