फ्रांस में PM मोदी का भव्य स्वागत : आज मैक्रों से होगी अहम वार्ता; 114 राफेल विमानों की डील पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा.
फ्रांस के नीस शहर में शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत हुआ। होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक छोटे बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया, जबकि कई महिलाओं ने उनके हाथ को माथे से लगाकर सम्मान व्यक्त किया। स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा।
प्रधानमंत्री मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के पहले चरण में नीस पहुंचे हैं। रविवार को उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें रक्षा, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।




राफेल डील पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील इस यात्रा का सबसे अहम मुद्दा मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार भारत चाहता है कि नए राफेल विमानों में स्वदेशी मिसाइलों और अन्य हथियार प्रणालियों को एकीकृत करने की स्वतंत्रता मिले।
योजना के तहत 24 विमान सीधे फ्रांस से प्राप्त किए जा सकते हैं, जबकि शेष 90 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन विमानों में लगभग 60 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों और तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करना है।
हालांकि इस समझौते को अभी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय संभव माना जा रहा है।
टेक्नोलॉजी और AI पर भी बन सकती है नई साझेदारी
दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और स्पेस सेक्टर से जुड़े करीब एक दर्जन समझौतों पर सहमति बनने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जहां भारतीय स्टार्टअप और नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
G7 समिट में वैश्विक संकटों पर होगी चर्चा
फ्रांस यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 16 और 17 जून को एवियां में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
G7 का सदस्य नहीं होने के बावजूद भारत को लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इस मंच पर सातवीं बार शामिल होंगे।
ट्रम्प से 16 महीने बाद मुलाकात संभव
G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच भी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात लगभग 16 महीने बाद होगी। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।
स्लोवाकिया दौरा भी ऐतिहासिक
फ्रांस यात्रा के बीच प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया भी जाएंगे। वहां वे प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा।

भारत-फ्रांस संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद
भारत और फ्रांस के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक पहुंचे हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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