AI ने बदली इंटर्नशिप की तस्वीर : अब चाय-कॉफी नहीं, लंदन बिजनेस ट्रिप तक की जिम्मेदारी; 63% को तुरंत नौकरी
नई दिल्ली.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी ने कंपनियों में इंटर्न्स की भूमिका बदल दी है। जिन युवाओं को पहले छोटे और रूटीन काम सौंपे जाते थे, अब उन्हें बड़े प्रोजेक्ट, क्लाइंट प्रेजेंटेशन, बिजनेस मीटिंग और विदेश यात्राओं तक की जिम्मेदारी दी जा रही है। कंपनियां इंटर्नशिप को अब केवल सीखने का मौका नहीं, बल्कि फुल-टाइम नौकरी से पहले टैलेंट को परखने के एक तरीके के तौर पर देख रही हैं।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेज एंड एम्प्लॉयर्स (NACE) के आंकड़ों के मुताबिक इंटर्नशिप के बाद फुल-टाइम नौकरी पाने वाले युवाओं की दर 50.6% से बढ़कर 63.1% हो गई है। यानी जिन छात्रों का प्रदर्शन कंपनियों को पसंद आ रहा है, उन्हें पढ़ाई पूरी होने से पहले ही नौकरी का ऑफर मिल रहा है।
AI ने रूटीन काम संभाला, इंटर्न्स को मिल रहे बड़े काम
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक AI के बढ़ते इस्तेमाल और कंपनियों पर लागत कम करने के दबाव के कारण कई जगह इंटर्नशिप के अवसर घटे हैं। हालांकि, जिन छात्रों को मौका मिल रहा है, उनसे पहले के मुकाबले ज्यादा उम्मीद की जा रही है।
डेटा एंट्री, बेसिक रिसर्च और दूसरे दोहराव वाले काम अब AI से कराए जा सकते हैं। ऐसे में कंपनियां इंटर्न्स से क्रिएटिव सोच, समस्या का समाधान और बिजनेस से जुड़े फैसलों में योगदान चाहती हैं।
20 साल की इंटर्न अकेले पहुंची लंदन
इस बदलाव का उदाहरण नूक्स कंपनी की 20 वर्षीय इंटर्न तालिया कुस्मिरेक हैं। 4 जुलाई की छुट्टियों के बीच उन्हें सैन फ्रांसिस्को से अचानक लंदन की बिजनेस ट्रिप पर भेजा गया। उन्होंने वहां कंपनी के लिए सोशल मीडिया कंटेंट तैयार किया और अकेले असाइनमेंट पूरा किया।
करीब 48 घंटे में यात्रा पूरी कर लौटने के बाद उनके सहकर्मी भी इतनी कम उम्र में मिली जिम्मेदारी से हैरान थे। यह घटना बताती है कि कंपनियां अब इंटर्न को केवल ट्रेनिंग लेने वाला छात्र नहीं मान रही हैं।
CEO बोले- AI है तो इंटर्न को वैल्यू जोड़नी होगी
नूक्स के CEO डेनियल ली के मुताबिक रूटीन कामों के लिए अब AI उपलब्ध है। ऐसे में कंपनियों को इंटर्न रखने का फायदा तभी होगा, जब वे ऐसे काम कर सकें जिनमें इंसानी सोच और निर्णय की जरूरत हो।
ली के मुताबिक कंपनी की स्थापना 2020 में हुई थी और उसके अधिकांश इंटर्न बाद में फुल-टाइम कर्मचारी बने। यानी इंटर्नशिप कंपनी के लिए नए टैलेंट की पहचान करने का अहम माध्यम बन चुकी है।
क्लाइंट के सामने इंटर्न्स ने पेश किया कैंपेन आइडिया
मार्केटिंग कंपनी ऑल टेरेन में भी इंटर्न्स को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। CEO ब्रुक जे ने लिली, ल्यूक और हन्ना नाम के तीन इंटर्न्स को नए कैंपेन का आइडिया तैयार करने का मौका दिया।
तीनों का आइडिया कंपनी को इतना पसंद आया कि उन्हें सीधे क्लाइंट के सामने प्रेजेंटेशन देने का मौका मिला। क्लाइंट्स ने भी उनके विचारों की तारीफ की। कंपनी के मुताबिक युवा कंज्यूमर्स को समझने और उनसे जुड़ने में नई पीढ़ी के इंटर्न्स की सोच काफी उपयोगी साबित हो रही है।
इंटर्नशिप अब 'नौकरी का ऑडिशन'
फाइनेंस और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में इंटर्न्स को महत्वपूर्ण काम देने का चलन पहले से रहा है। AI के दौर में यह ट्रेंड दूसरे सेक्टर्स में भी तेजी से फैल रहा है।
कंपनियां अब इंटर्नशिप के दौरान ही यह तय कर रही हैं कि कौन सा युवा टीम का हिस्सा बनने लायक है। दूसरी ओर छात्रों को भी पढ़ाई के साथ वास्तविक बिजनेस माहौल में काम करने, क्लाइंट से बात करने और फैसले लेने का अनुभव मिल रहा है।
यानी AI ने जहां इंटर्नशिप के कई पुराने काम खत्म किए हैं, वहीं बचे हुए अवसरों को कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण और करियर के लिए महत्वपूर्ण बना दिया है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन