IGKV पेपर लीक केस में 6 गिरफ्तार, प्राचार्य-मास्टरमाइंड बर्खास्त : 2 परीक्षाएं रद्द, सितंबर में दोबारा एग्जाम; छात्रों ने बताया- 5 हजार तक में बिकता था पर्चा
News Affair Team
Sun, Aug 23, 2026
रायपुर.
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परीक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक के आरोप सामने आ रहे हैं। 20 अगस्त की एंटोमोलॉजी परीक्षा के बाद अब 7 अगस्त को हुई बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। पुलिस जांच में इस पेपर के भी लीक होने की जानकारी सामने आई है।
मामले में दुर्ग के भारती कृषि महाविद्यालय के सहायक व्याख्याता समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने प्राचार्य डॉ. एके दुबे और सहायक व्याख्याता योगेश सोनकेसरिया को भी नौकरी से हटा दिया है। वहीं विश्वविद्यालय ने कॉलेज को नोटिस जारी कर परीक्षा की गोपनीयता में हुई चूक पर जवाब मांगा है।

छात्रों का दावा- परीक्षा से एक दिन पहले मिल जाता था पेपर
पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर पेपर लीक को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र केवल परीक्षा से कुछ घंटे पहले नहीं, बल्कि कई बार एक दिन पहले ही PDF के रूप में छात्रों तक पहुंच जाता था।
छात्रों के मुताबिक, कुछ पेपर 1 हजार से 5 हजार रुपए तक में उपलब्ध कराए जाते थे। कई छात्र मिलकर रकम जुटाते और प्रश्नपत्र खरीदने के बाद उसकी PDF व्हाट्सऐप ग्रुप और निजी चैट के जरिए आगे शेयर करते थे। हालांकि, छात्रों की ओर से किए गए इन दावों की पुलिस जांच में पुष्टि होना अभी बाकी है।
10-11 विषयों के पेपर पहले ही हो चुके
छात्रों का दावा है कि इस सत्र में करीब 10 से 11 विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही चुनिंदा छात्रों तक पहुंच गए थे।
एक छात्र के मुताबिक, नकल के मामले में पकड़े गए एक छात्र ने कथित तौर पर अगले दिन होने वाले पेपर की तस्वीर वायरल कर दी थी। तस्वीर के पीछे भारती कॉलेज की सीढ़ियां दिखाई दे रही थीं। इसके बाद प्रश्नपत्र कॉलेज से बाहर जाने का शक गहराया।

20 अगस्त का पेपर लीक होने के बाद खुला मामला
20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र छात्रों के बीच वायरल हो गया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी और मामले की शिकायत रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई।
पुलिस की तकनीकी जांच और मोबाइल चैट के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। जांच में 7 अगस्त को हुई प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई।
दोनों परीक्षाएं सितंबर में दोबारा होंगी
IGKV की रविवार को हुई आपात बैठक में प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया। विश्वविद्यालय ने तय किया है कि एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।
दुर्ग स्थित भारतीय कृषि महाविद्यालय को परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहने पर नोटिस दिया गया है। वहीं विश्वविद्यालय के नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।
अब ईमेल से भेजा जा रहा प्रश्नपत्र
पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली में तत्काल बदलाव किया है। 22 अगस्त से प्रश्नपत्र कॉलेजों को हार्ड कॉपी में भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के जरिए भेजा जा रहा है। सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र कॉलेज को सुबह 9:30 बजे उपलब्ध कराया गया। 24 अगस्त की परीक्षा भी इसी व्यवस्था से होगी।
विश्वविद्यालय ने परीक्षा हॉल और परीक्षा विभाग में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। परीक्षा व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।
कॉलेज ने प्राचार्य और सहायक व्याख्याता को निकाला
भारती कृषि महाविद्यालय प्रबंधन ने मामले में प्राचार्य डॉ. एके दुबे और सहायक व्याख्याता योगेश सोनकेसरिया को नौकरी से हटा दिया है। कॉलेज डायरेक्टर सुशील चंद्राकर के मुताबिक, योगेश वर्ष 2019 से कॉलेज में काम कर रहा था। पिछले करीब एक साल से उसे विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र लाने और जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
प्रबंधन के मुताबिक, विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र आने के बाद उसे सुरक्षित रखना प्राचार्य की जिम्मेदारी थी। प्रश्नपत्र की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने के बाद प्राचार्य पर भी कार्रवाई की गई।

6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
योगेश सोनकेसरिया (38) — सिवनी निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
अजय नायक (20) — बलौदाबाजार निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
त्रिदेव पटेल (22) — महासमुंद निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
नितिन पांडेय (22) — बस्तर निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
अनुज मिंज (22) — जशपुर निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
आदित्य साहू (20) — बालोद निवासी, वर्तमान पता दुर्ग
NSUI ने 2022 और 2024 में भी पेपर लीक का दावा किया
NSUI रायपुर के जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने दावा किया कि IGKV में पेपर लीक की शिकायत पहली बार सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक, 2022 और 2024 में भी छात्रों ने प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर आने की शिकायत की थी।
उन्होंने दावा किया कि 2024 में मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति भी बनाई गई थी। हालांकि, इन पुराने मामलों और मौजूदा पेपर लीक के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करना बड़ी चुनौती
लगातार दो प्रश्नपत्र रद्द होने और छात्रों की ओर से पुराने मामलों को लेकर किए जा रहे दावों के बाद विश्वविद्यालय के सामने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने की चुनौती है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र कॉलेज से बाहर कैसे पहुंचा, उसे किसने हासिल किया और छात्रों के बीच किस नेटवर्क के जरिए फैलाया गया।
इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें... WhatsApp पर परीक्षा से 2 घंटे पहले पहुंचा था प्रश्नपत्र
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन