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24th August 2026

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CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR, सस्पेंशन के बाद ऑफिस सील : हत्या के आरोपी से 15 लाख रिश्वत मांगने का आरोप; 83 लाख की जमीन की 18 लाख में रजिस्ट्री

News Affair Team

Sun, Aug 23, 2026

भोपाल.

मध्य प्रदेश के कटनी में CSP नेहा पच्चीसिया पर लगे गंभीर आरोपों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। हत्या के एक आरोपी को राहत दिलाने के बदले 15 लाख रुपए की रिश्वत मांगने और दबाव बनाकर उसकी परिवार की जमीन कम कीमत पर दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड कराने के आरोप में CSP समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर भोपाल पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। FIR दर्ज होने के अगले दिन उनका ऑफिस और स्टाफ रूम भी सील कर दिया गया।

मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र की करीब सवा दो हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक जमीन रमेश लोधी के नाम थी। उनके बेटे आकाश लोधी को एक आदिवासी युवक की हत्या के आरोप में 3 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। परिवार का आरोप है कि इसी मामले में राहत देने के नाम पर CSP नेहा पच्चीसिया और तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा ने 15 लाख रुपए की मांग की।

सौदा 1.07 करोड़ में रजिस्ट्री सिर्फ 18.20 लाख की

शिकायत के मुताबिक परिवार ने जब 15 लाख रुपए देने में असमर्थता जताई तो जमीन का एक हिस्सा बेचने का दबाव बनाया गया। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत करीब 82 लाख 86 हजार 930 रुपए बताई गई है। परिवार का दावा है कि सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपए में हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपए में मारूफ अहमद हनफी के नाम कराई गई।

रजिस्ट्री के दस्तावेजों में 15 लाख रुपए चेक और 3.20 लाख रुपए नकद दिए जाने का उल्लेख बताया गया है। यानी आरोप है कि करीब 83 लाख रुपए मूल्य की जमीन बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर कराई गई।

रजिस्ट्री के दिन खरीदार के खाते में अचानक आए 15 लाख

जांच में जमीन खरीदने वाले मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक 11 जुलाई 2025 को खाते में सिर्फ 3,036 रुपए थे। वहीं, 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री वाले दिन खाते में अचानक 15 लाख रुपए ट्रांसफर हुए।

जांच के अनुसार इनमें 10 लाख रुपए शाइन पार्टनर्स के खाते से और 5 लाख रुपए क्षितिज राज बारापत्रे के खाते से आए। जांच में दोनों खातों में एक ही PAN नंबर दर्ज होने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट में बारापत्रे को नेहा पच्चीसिया का करीबी और रिश्तेदार बताया गया है।

जेल में बंद जमीन मालिक को सरकारी आवास ले जाने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमीन मालिक रमेश लोधी के जेल में रहने के दौरान ही जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया कराई गई। परिवार का दावा है कि उन्हें CSP के सरकारी आवास पर दो दिन रखा गया और 15 अप्रैल को सरकारी वाहन से जमीन की रजिस्ट्री कराने ले जाया गया। बाद में परिवार ने रजिस्ट्री और म्यूटेशन निरस्त कराने की कोशिश की तो कथित तौर पर दबाव और धमकी दी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

CM ने दिए निलंबन के निर्देश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव को CSP नेहा पच्चीसिया के निलंबन के निर्देश दिए। सरकार की ओर से कहा गया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पद का दुरुपयोग, दबाव या किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा के मुताबिक नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज गया है। जांच में हत्या के आरोपी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत की मांग और जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम कराने के आरोप सामने आए हैं।

पहले भी वसूली के आरोपों में घिरी थीं CSP

नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी विवादों में रही हैं। जुलाई में ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपए की कथित वसूली का आरोप लगाया था। आरोप था कि 25 हजार रुपए नकद लिए गए और 5 हजार रुपए बाद में देने को कहा गया। इस मामले के बाद CSP के ड्राइवर केशव सिंह को निलंबित किया गया था और उनके क्षेत्र के तीन थानों का प्रभार भी वापस लिया गया था।

इसके अलावा एक हत्या के मामले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने और आरोपी को कथित लाभ पहुंचाने के आरोपों की भी जांच चल रही थी। जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल को मामले की जांच सौंपी गई थी। नेहा पच्चीसिया अगस्त की शुरुआत में जांच के सामने पेश होकर अपना बयान भी दर्ज करा चुकी थीं।

20 अगस्त को FIR, अगले दिन ऑफिस सील

कुठला थाने में 20 अगस्त को नेहा पच्चीसिया, मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापत्रे के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले में BNS की धारा 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।

FIR के अगले दिन पुलिस ने CSP के ऑफिस और स्टाफ रूम को सील कर दिया। जांच एजेंसियां वहां मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही हैं।

एयर होस्टेस से DSP और फिर कटनी CSP बनीं नेहा

नेहा पच्चीसिया मूल रूप से राजगढ़ जिले के पचोर की रहने वाली हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले वे एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम कर चुकी हैं। इसके बाद MPPSC की तैयारी की और वर्ष 2016 में 20वीं रैंक हासिल कर DSP बनीं।

पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं। कोरोना काल में काम के लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सम्मान भी मिला था। मई 2025 में उन्हें कटनी का CSP बनाया गया था।

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