कराची में बिजली के लिए सड़क पर संग्राम : 12 घंटे कटौती से सड़कों पर उतरे लोग, शहर जाम; पानी की सप्लाई भी प्रभावित
कराची.
पाकिस्तान के बड़े शहरों में बिजली संकट एक बार फिर गंभीर हो गया है। कराची में लगातार लंबी बिजली कटौती से परेशान लोग शनिवार को सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के कारण कई घंटे तक शहर के प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक थमा रहा और हजारों लोग जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में रोजाना 12 घंटे या उससे ज्यादा बिजली गुल रह रही है।
बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों और कारोबार तक सीमित नहीं है। बिजली बंद रहने से पंपिंग स्टेशन भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई है।

बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन, व्यापारी भी उतरे
प्रदर्शन में शामिल लोगों और व्यापारियों ने बिजली कंपनी के-इलेक्ट्रिक (KE) के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से दुकानों और कारोबार को भारी नुकसान हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान के-इलेक्ट्रिक के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच विवाद और झड़प की स्थिति भी बनी। लोगों का आरोप है कि कई बार बिजली कटौती की पहले से जानकारी तक नहीं दी जाती।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वे नियमित रूप से बिजली का बिल भरते हैं, इसके बावजूद घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। प्रदर्शन और सड़क जाम ने समस्या को और बढ़ा दिया।

एंबुलेंस भी जाम में फंसी
बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन का असर आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। एक महिला ने बताया कि उनकी बीमार मां को क्लिनिक ले जाने के दौरान एंबुलेंस करीब दो घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही। इससे प्रदर्शन के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आपात सेवाओं को लेकर भी सवाल उठे।
पानी की सप्लाई पर भी असर
कराची में बिजली कटौती का सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है। पंपिंग स्टेशन बिजली पर निर्भर हैं। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से पानी की सप्लाई भी रुक जाती है। यानी बिजली संकट के कारण लोगों को एक साथ बिजली और पानी, दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
के-इलेक्ट्रिक का दावा- बिजली चोरी और बकाया बिल भी बड़ी वजह
के-इलेक्ट्रिक का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में बिजली चोरी और बिलों का भुगतान नहीं होने की समस्या बनी हुई है। कंपनी के मुताबिक उस पर अरबों रुपए के बिल बकाया हैं। कंपनी के अनुसार चोरी और कम वसूली वाले क्षेत्रों में सप्लाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लोडशेडिंग करनी पड़ती है।
गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग ने बढ़ाया दबाव
कराची में गर्मी के दौरान बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है। AC, पंखे और दूसरे कूलिंग उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल से पीक टाइम में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ता है।
जब मांग और उपलब्ध बिजली के बीच अंतर बढ़ता है तो उसे लोडशेडिंग के जरिए नियंत्रित किया जाता है। इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर या बिजली लाइन में तकनीकी खराबी होने पर निर्धारित कटौती से ज्यादा समय तक भी सप्लाई बंद रह सकती है।
गैस और RLNG सप्लाई में दिक्कत का भी असर
पाकिस्तान के कई बिजली संयंत्र गैस और रीगैसिफाइड LNG (RLNG) पर निर्भर हैं। ईंधन की उपलब्धता में परेशानी होने पर बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। उत्पादन कम होने पर मांग और सप्लाई के बीच का अंतर बढ़ जाता है और इसका असर लोडशेडिंग के रूप में दिखाई देता है।
इस्लामाबाद-रावलपिंडी में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
उधर, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में शनिवार रात तेज बारिश के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। भारी बारिश से सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए। रावलपिंडी में नुल्लाह लाई का जलस्तर करीब 19 फीट तक पहुंच गया। कई सड़कों पर इतना पानी भर गया कि आवाजाही मुश्किल हो गई। बारिश और बिजली कटौती ने दोनों शहरों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
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