मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार पर हंगामा : परिवार बोला- घर के सदस्य जैसा था; लोग बोले- ये परंपराओं के खिलाफ
News Affair Team
Sat, Aug 8, 2026
बिलासपुर.
शहर के तोरवा क्षेत्र स्थित मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार कराए जाने को लेकर विवाद हो गया। कुदुदंड निवासी एक परिवार अपने पालतू डॉग की मौत के बाद उसे अंतिम विदाई देने के लिए मुक्तिधाम पहुंचा था। परिवार का कहना है कि कुत्ता उनके लिए परिवार के सदस्य जैसा था और उन्होंने अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार किया।
इधर, स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध कर दिया। सूचना मिलने पर वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थल है। यहां किसी पशु का दाह संस्कार किया जाना धार्मिक परंपरा और जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
विरोध करने वालों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह संस्कार की अनुमति देने का आरोप भी लगाया। उनका दावा है कि इसके लिए नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
पार्षद ने पुलिस में दी लिखित शिकायत
मामले को लेकर पार्षद मोती गंगवानी ने पुलिस में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि इंसानों के लिए निर्धारित मुक्तिधाम में पशु का दाह संस्कार कराया जाना उचित नहीं है। उन्होंने केयरटेकर की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग की।
गंगवानी ने कहा कि वे केयरटेकर को निलंबित करने के लिए नगर निगम को पत्र लिखेंगे। उनके मुताबिक, मुक्तिधाम रेलवे का है, लेकिन इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है। निगम की ओर से यहां चौकीदार भी तैनात किया गया है।
मालकिन बोलीं- किसी की भावना आहत करना मकसद नहीं
कुत्ते की मालकिन ने कहा कि डॉग उनके परिवार का हिस्सा था। उसकी मौत से परिवार भावनात्मक रूप से दुखी था। इसी वजह से वे उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य का भी इसी जगह दाह संस्कार हुआ था। उनका कहना है कि उन्होंने मुक्तिधाम के एक हिस्से में व्यवस्था करने की बात कही थी और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि इस तरह का विवाद खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।
केयरटेकर पर पैसे लेने का आरोप
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि केयरटेकर ने 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह संस्कार की अनुमति दी। लोगों का कहना है कि अगर मुक्तिधाम में इस तरह की व्यवस्था की जा रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि इंसानों और पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए एक ही जगह का इस्तेमाल किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने पैसे लेकर अनुमति दिए जाने के आरोप की भी जांच की मांग की।
ASP बोले- फिलहाल पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं
एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हुई थी। परिवार उससे काफी लगाव रखता था, इसलिए वे उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गए और विधि-विधान से दाह संस्कार किया।
उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग और संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप का नहीं है, इसलिए कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है।
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