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17th October 2026

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प्रेमी को भी फांसी, 547 दिन बाद फैसला; मेरठ में 3 दिन में 4 को मौत की सजा

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पति की हत्यारी रविता को सजा-ए-मौत : प्रेमी को भी फांसी, 547 दिन बाद फैसला; मेरठ में 3 दिन में 4 को मौत की सजा

मेरठ.

पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश करने के मामले में मेरठ की अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-12) जयवीर सिंह नागर ने 16 अक्टूबर को मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध माना। अमित कश्यप की मौत के करीब 18 महीने बाद आए फैसले में अदालत ने हत्या और साजिश की गंभीरता को आधार बनाया।

सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों दोषियों का पक्ष सुना। जज ने पूछा कि दोषी ठहराए जाने के बाद वे क्या कहना चाहते हैं। रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल की गुहार लगाई, जबकि अमरदीप ने बूढ़े माता-पिता की सेवा के लिए चिंता जताई। इसके बाद दोनों रोने लगे।

रविता बोली- मेरे तीन छोटे बच्चे हैं, उनका ख्याल रखा जाए

सजा से पहले जब जज ने रविता से पूछा कि वह क्या कहना चाहती है, तो उसने अपने तीन बच्चों का हवाला दिया। उसने कहा कि बच्चों का ध्यान रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई।

अमरदीप ने कहा कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसने उनके लिए उचित व्यवस्था किए जाने की बात कही।

अदालत ने दोनों की बातें सुनीं, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अदालत ने बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा से जुड़े पहलू पर भी ध्यान दिया।

जज बोले- केवल शरीर के टुकड़े करना ही जघन्य अपराध नहीं

131 पन्नों के फैसले में जज जयवीर सिंह नागर ने अपराध को वैवाहिक विश्वास और रिश्तों के साथ किए गए गंभीर विश्वासघात के रूप में देखा। फैसले में मनुस्मृति और आत्रेय संहिता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए दंड, न्याय और निष्पक्षता के महत्व पर बात की गई।

अदालत ने सावित्री की पौराणिक कथा और करवाचौथ जैसे संदर्भों का भी उल्लेख किया। जज की टिप्पणी का आशय था कि पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़े पारंपरिक विश्वासों के विपरीत, इस मामले में पति की हत्या की साजिश रची गई।

फैसले में यह भी कहा गया कि अपराध की गंभीरता केवल शव के साथ किए गए व्यवहार से नहीं, बल्कि हत्या की योजना और उसे छिपाने की कोशिश से भी तय होती है।

सांप के काटने से मौत दिखाने की कोशिश कैसे खुली?

अमित कश्यप की मौत अप्रैल 2025 में मेरठ के अकबरपुर सादात गांव में हुई थी। शुरुआत में परिवार को आशंका थी कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है, क्योंकि शव के पास सांप मिला था। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गर्दन पर चोट के निशान मिले और मौत का कारण दम घुटना बताया गया।

जांच में पुलिस को शक हुआ कि सांप को जानबूझकर शव के पास रखा गया था, ताकि हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाया जा सके। अदालत में अभियोजन ने रविता और अमरदीप के खिलाफ हत्या की साजिश के आरोपों को साबित करने के लिए गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।

तीन अहम सबूत, जिनसे जांच को मिली दिशा

547 दिन में जांच से फैसले तक पहुंचा मामला

इस मामले में पुलिस ने अप्रैल 2025 में जांच शुरू की थी। शुरुआत में मौत को सांप के काटने से जुड़ा माना गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम के निष्कर्षों के बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई। जांच के दौरान पुलिस ने कथित साजिश, सांप की व्यवस्था और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को दोषी ठहराया। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा सुनाई गई। दोनों को हत्या और साजिश के मामले में मृत्युदंड दिया गया।

सजा के बाद जेल में रविता की तबीयत बिगड़ी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सजा सुनाए जाने के बाद रविता की तबीयत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई और उसे बुखार आने की बात कही गई। जेल प्रशासन ने चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई और निगरानी में रखा।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि वह सुबह से खाना नहीं खा रही थी और लगातार रो रही थी। अमरदीप की स्थिति को लेकर भी जेल प्रशासन की निगरानी की जानकारी सामने आई है।

अब आगे क्या होगा?

सत्र अदालत से मृत्युदंड मिलने के बाद भी सजा पर अंतिम कानूनी प्रक्रिया बाकी रहती है। भारतीय कानून के तहत मृत्युदंड को लागू करने के लिए संबंधित उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होती है। दोषियों के पास कानूनी अपील के विकल्प भी उपलब्ध रहते हैं।

मेरठ के इस मामले में अदालत ने अपने फैसले में अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए अधिकतम सजा सुनाई है। अब आगे की प्रक्रिया उच्च न्यायालय में होने वाली कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

मेरठ में एक सप्ताह के भीतर दो चर्चित मामलों में मृत्युदंड

रविता-अमरदीप के मामले से दो दिन पहले, 14 अक्टूबर को मेरठ की अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को भी मृत्युदंड सुनाया था। उस मामले में सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाने का आरोप साबित हुआ। सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी

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