NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ हिरासत में : FIR की मांग पर दिल्ली में प्रदर्शन, महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप; पुलिस बोली- केरल में Zero FIR दर्ज
नई दिल्ली.
महिला कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ और संगठन के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन NSUI का आरोप है कि 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान उसकी महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई थी। संगठन आरोपी महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग कर रहा है।
NSUI के मुताबिक, बुधवार को एडिशनल DCP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलने के बावजूद उसकी शिकायत पर दिल्ली में FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का कहना है कि कथित घटना से जुड़ी शिकायत पर केरल में पहले ही Zero FIR दर्ज की जा चुकी है।

जाखड़ बोले- महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई
मीडिया से बातचीत में विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि कुछ कार्यकर्ताओं को एक अंधेरे कमरे में ले जाया गया, जहां उन पर जूते और बूट से हमला किया गया।
जाखड़ ने कहा कि संगठन केवल FIR दर्ज कराने की मांग कर रहा है, लेकिन पुलिस अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना क्या अपराध है? ये आरोप NSUI अध्यक्ष ने लगाए हैं। पुलिस की ओर से इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाला विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्राओं ने लगाए आरोप
बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह मामला उठाया। उनके साथ NSUI के छात्र, कार्यकर्ता और कंटेंट क्रिएटर्स भी पहुंचे। उन्होंने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के बारे में अपने अनुभव बताए।
एक छात्रा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान से सुनने की क्षमता चली गई।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। मेडिकल रिकॉर्ड, संबंधित वीडियो और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इन दावों की पुष्टि हो सकेगी।

हिरासत की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह प्रदर्शनकारी का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
Zero FIR को लेकर पुलिस और NSUI के दावों में अंतर
मामले में मुख्य विवाद शिकायत पर कार्रवाई को लेकर है। NSUI का कहना है कि उसकी ओर से दिल्ली में FIR दर्ज कराने की मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने केरल में Zero FIR दर्ज होने का हवाला दिया।
Zero FIR किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है, भले ही घटना उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में न हुई हो। बाद में इसे जांच के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन को भेजा जा सकता है। इसलिए Zero FIR दर्ज होने और दिल्ली में अलग FIR दर्ज करने की मांग के बीच की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पुलिस का आधिकारिक बयान और शिकायतों का विवरण महत्वपूर्ण होगा।
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