कंबोडिया सैनिकों की गोलाबारी में 12 थाई नागरिकों की मौत : थाईलैंड ने F-16 फाइटर जेट तैनात किए; 118 साल पुराने प्रीह विहार मंदिर को लेकर फिर विवाद
बैंकॉक/नोम पेन्ह / अंतरराष्ट्रीय डेस्क.
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर सीमा पर हिंसक संघर्ष भड़क उठा है। सोमवार सुबह सीमा पर हुई गोलीबारी में 12 थाई नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद थाईलैंड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है। कंबोडिया का दावा है कि थाई सेना ने पहले गोलीबारी की। वहीं, थाई सेना का कहना है कि कंबोडिया ने ड्रोन और BM21 रॉकेटों से हमला शुरू किया।
स्थिति को बिगड़ता देख थाईलैंड ने बॉर्डर पर F-16 फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में इतना तनावपूर्ण माहौल इस क्षेत्र में पहले नहीं देखा गया।


40 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजा
थाई सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए सीमा से लगे 86 गांवों से करीब 40,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं, कंबोडिया में रह रहे थाई नागरिकों से जल्द से जल्द देश लौटने की अपील की गई है। नोम पेन्ह स्थित थाई दूतावास ने चेतावनी जारी की है कि सीमा पर हालात और बिगड़ सकते हैं।
विवाद की जड़: प्रीह विहार मंदिर

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह सीमा विवाद 118 साल पुराना है। 1907 में फ्रांस और थाईलैंड के बीच खींची गई सीमा रेखा में प्रीह विहार मंदिर कंबोडिया में दिखाया गया था, जिसका थाईलैंड ने विरोध किया।
1962 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना। 2008 में मंदिर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किए जाने के बाद से विवाद और बढ़ गया। 2011 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने दोनों देशों को सीमा से सैनिक हटाने के आदेश दिए गए, लेकिन जमीन पर अमल नहीं हो पाया।
मई में भी हुई थी झड़प, एक सैनिक मारा गया
28 मई 2025 को एमराल्ड ट्रायंगल (जहां थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की सीमाएं मिलती हैं) में दोनों देशों की सेनाएं भिड़ गई थीं, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
PM की कुर्सी गई, बैन और धमकियां शुरू

15 जून को थाई पीएम पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने कंबोडियाई नेता हुन सेन से विवाद सुलझाने के लिए बातचीत की थी। बातचीत में सेना पर टिप्पणी को लेकर उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर वाणिज्यिक प्रतिबंध लगाने शुरू किए
कंबोडिया ने थाई टीवी और उत्पादों पर बैन लगाया। थाईलैंड ने बिजली और इंटरनेट सेवा रोकने की धमकी दी।
क्या युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं दोनों देश?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई राजनयिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष खुले युद्ध में बदल सकता है। दोनों देशों के पास सशस्त्र बलों की भारी तैनाती है और भावनाएं भड़क चुकी हैं।
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