48 लाख परिवारों को मिलेगी जमीन की रजिस्ट्री : MP कैबिनेट के बड़े फैसले; अब सरकारी स्कूलों में सिली-सिलाई यूनिफॉर्म
News Affair Team
Tue, Jun 2, 2026
भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण संपत्ति अधिकार, स्कूली शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के लाखों परिवारों को उनकी आबादी वाली भूमि के पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तैयार यूनिफॉर्म देने का बड़ा निर्णय लिया।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी अधिकार मजबूत होंगे, वहीं छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और एकरूप यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा सकेगी।

48 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा संपत्ति का रजिस्ट्रीकृत अधिकार
कैबिनेट बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत प्रदेशभर में ड्रोन और सैटेलाइट सर्वेक्षण के जरिए आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का चिह्नांकन किया गया था। लाभार्थियों को पहले स्वामित्व पत्र दिए गए थे, लेकिन अब सरकार इन संपत्तियों की विधिवत रजिस्ट्री कराकर पंजीकृत दस्तावेज भी उपलब्ध कराएगी।
प्रदेश के 55 जिलों में करीब 48.80 लाख निजी और लगभग 19 लाख सरकारी संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाला पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। इस पर लगभग 3800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
सरकार का मानना है कि पंजीकृत दस्तावेज मिलने के बाद ग्रामीण परिवारों को बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। यह पहल लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
छात्रों को अब सीधे मिलेगी सिली हुई यूनिफॉर्म
कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को तैयार सिलाई की हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
अब तक छात्रों के बैंक खातों में प्रतिवर्ष 600 रुपए डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते थे, लेकिन कई जिलों से राशि के उपयोग और यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं।
नई व्यवस्था के तहत सरकार केंद्रीकृत प्रक्रिया से कपड़े की खरीद करेगी और विद्यार्थियों को तैयार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले सरकार साइकिल वितरण योजना में भी इसी तरह का बदलाव कर चुकी है।
गेहूं खरीदी में देश में अव्वल रहा मध्यप्रदेश
कैबिनेट बैठक में इस वर्ष की गेहूं खरीदी की समीक्षा भी की गई। सरकार के अनुसार इस सीजन में देश में सबसे अधिक गेहूं की खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है।
बैठक में किसानों से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
यूसीसी पर सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि नागरिकों और विभिन्न संगठनों से सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है और इसे 30 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
27 विधायकों को मिलेगा मकान किराया भत्ता
भोपाल स्थित पुराने विधायक विश्राम गृह परिसर के पुनर्निर्माण कार्य को देखते हुए सरकार ने अस्थायी रूप से प्रभावित विधायकों को किराए के मकान में रहने के लिए आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट ने 27 विधायकों को 40 हजार रुपए प्रतिमाह किराया भत्ता देने की मंजूरी दी है। इससे सरकार पर सालाना लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
बरगी हादसे की होगी न्यायिक जांच
मंत्रिपरिषद ने बरगी बांध क्षेत्र में हुए नाव हादसे में जनहानि के मामले की न्यायिक जांच को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा।
फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' टैक्स फ्री
कैबिनेट ने हिंदी फीचर फिल्म "तन्वी द ग्रेट" को मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री करने के निर्णय का अनुमोदन भी किया। इसके साथ ही एमबीबीएस सीटों में वृद्धि और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने पर सहमति दी गई।
इंदौर के पिपल्याहाना क्षेत्र में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन की लागत बढ़ाकर 626 करोड़ रुपए करने की मंजूरी भी दी गई।
दूध उत्पादन बढ़ा, लॉन्च हुआ 'गोरस' एप
सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन दूध उत्पादन 11 लाख लीटर तक पहुंच गया है।
पशुपालकों को मौसम, पशु स्वास्थ्य और आहार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 'गोरस' मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है।
वहीं पीएम सूर्यघर योजना के तहत चार लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य इसे छह लाख घरों तक पहुंचाने का है।
किसानों की मिट्टी परिवहन समस्या पर होगा समाधान
बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने किसानों और ग्रामीणों द्वारा तालाबों तथा खेतों से निकाली गई मिट्टी के परिवहन में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर तालाब गहरीकरण और जल संरक्षण के कार्य ग्रामीण अपने संसाधनों से कर रहे हैं, लेकिन मिट्टी परिवहन में अनावश्यक रोक से परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और किसान हितैषी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं पर फोकस
मंत्रिपरिषद के फैसलों से स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकार ग्रामीण संपत्ति अधिकार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। विशेष रूप से स्वामित्व योजना और यूनिफॉर्म वितरण से जुड़े फैसलों को प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को प्रभावित करने वाले निर्णयों के रूप में देखा जा रहा है।
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