मालदीव पहुंचे PM नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत : एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से गले मिले; स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
माले.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय मालदीव यात्रा पर पहुंच गए हैं। यह यात्रा सिर्फ औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि भारत-मालदीव के तनावपूर्ण संबंधों को फिर से मजबूत करने की एक बड़ी पहल के तौर पर देखी जा रही है। मोदी की यह तीसरी मालदीव यात्रा है।
एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले भी लगाया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया और भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया।
पहले PM मोदी के मालदीव दौरे की देखिए तस्वीरें...



"इंडिया आउट" से "वेलकम इंडिया" तक की यात्रा
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब कुछ ही समय पहले मालदीव की राजनीति में 'इंडिया आउट' जैसे नारों की गूंज थी। 2023 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मुइज्जू ने इसी अभियान के दम पर सत्ता हासिल की थी। उन्होंने भारत की सैन्य मौजूदगी पर सवाल उठाए और उसे मालदीव की संप्रभुता पर खतरा बताया।
लेकिन राजनीति की दिशा और कूटनीति की विवेकशीलता ने मुइज्जू को अपने रुख में बदलाव करने पर मजबूर किया। दिसंबर 2023 में दुबई में UN COP-28 सम्मेलन के दौरान मोदी और मुइज्जू की पहली अनौपचारिक मुलाकात ने इस बदलाव की नींव रखी। तभी से दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिलने लगे थे।


पीएम मोदी होंगे स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह किसी भी विदेशी नेता की पहली आधिकारिक यात्रा है जब मुइज्जू राष्ट्रपति बने हैं। इस समारोह में भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ का उत्सव भी मनाया जाएगा।
यह भारत के लिए न केवल प्रतीकात्मक रूप से बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है कि वह अपने छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण पड़ोसी देश के साथ मजबूत रिश्ते कायम रखे।
INS जटायु और SAGAR मिशन का विस्तार
मालदीव, जो हिंद महासागर में भारत के सबसे करीबी समुद्री पड़ोसियों में से एक है, उसकी भौगोलिक स्थिति उसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बना देती है। पीएम मोदी की यह यात्रा 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) जैसी पहल को जमीन पर उतारने का अवसर है।
मालदीव में भारत की उपस्थिति से क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को बल मिलता है। INS जटायु जैसे प्रोजेक्ट्स, जो भारत के रक्षा हितों से जुड़े हैं, को इस दौरे में आगे बढ़ाने की योजना है।
भारत-मालदीव साझेदारी बनाम चीन का कर्ज-जाल
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने मालदीव में भारी निवेश किए हैं। मुइज्जू की सरकार की शुरुआती नीतियों में भी चीन की ओर झुकाव दिखा। लेकिन भारत इस इलाके में अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है, खासकर जब बात समुद्री मार्गों की सुरक्षा की हो।
मोदी की यात्रा के दौरान कुछ रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने की योजना है जो चीन के प्रभाव को संतुलित कर सके। चीन के कर्ज-जाल में फंसने की आशंका को देखते हुए भारत विकास आधारित मॉडल के जरिए मालदीव को सहयोग देना चाहता है।

50 मिलियन डॉलर का समर्थन और UPI की संभावनाएं
भारत पहले ही मालदीव को 750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप डील दे चुका है और मई 2025 में 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल को रोलओवर भी कर चुका है। अब उम्मीद है कि इस यात्रा में पीएम मोदी कई नए विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, जिसमें डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI को लागू करने पर भी बातचीत शामिल है।
UPI प्रणाली से मालदीव में भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही, मालदीव की कमजोर अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।
बायकॉट मालदीव से पुनर्निर्माण की ओर
जनवरी 2024 में मालदीव के मंत्रियों द्वारा पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद भारत में 'बायकॉट मालदीव' अभियान शुरू हुआ था। इससे मालदीव के पर्यटन उद्योग को खासा नुकसान हुआ।
अब मोदी की यात्रा इस नकारात्मकता को दूर करने और पर्यटन को फिर से पटरी पर लाने का माध्यम बन सकती है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी इस यात्रा के जरिए बढ़ावा मिलने की संभावना है।
नई पीढ़ी के लिए साझेदारी
मोदी की इस यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिनमें शामिल हैं:
· नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग
· मछली पालन और खाद्य सुरक्षा
· डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा
· फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)
· शिक्षा और स्किल डेवलेपमेंट
ये सभी समझौते दोनों देशों के भविष्य को जोड़ने का काम करेंगे।
भारत-मालदीव संबंधों की समयरेखा
वर्ष | घटनाक्रम |
2015 | श्रीलंका के राष्ट्रपति सिरिसेना स्वतंत्रता दिवस के मुख्य अतिथि |
2017 | नवाज शरीफ ने लिया स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग |
2018 | पीएम मोदी की पहली मालदीव यात्रा |
2019 | मोदी दूसरी बार राष्ट्रपति सोलिह के निमंत्रण पर मालदीव पहुंचे |
2023 | मुइज्जू ने 'इंडिया आउट' के साथ चुनाव जीता |
2024 | रिश्तों में खटास, 'बायकॉट मालदीव' अभियान भारत में चला |
2024 अक्तूबर | भारत ने करेंसी स्वैप के तहत 750 मिलियन डॉलर दिए |
2025 मई | ट्रेजरी बिल रोलओवर किया गया |
2025 जुलाई | पीएम मोदी की तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण यात्रा |
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