ऑपरेशन शील्ड : 6 राज्यों में एयर स्ट्राइक और ब्लैकआउट; युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारी
नई दिल्ली.
देश के 6 प्रमुख राज्यों—जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़—में शनिवार को ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत युद्ध जैसी स्थिति की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक चला, जिसमें एयर स्ट्राइक, अटैक और ब्लैकआउट की स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया गया।
ड्रिल की शुरुआत में इन राज्यों के कई जिलों में एयर स्ट्राइक, बॉम्ब ब्लास्ट, फायरिंग और आगजनी की सिचुएशन तैयार की गईं। पुलिस, प्रशासन, SDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय वॉलंटियर्स की टीमें पूरी मुस्तैदी से अभ्यास में शामिल हुईं।

ड्रिल के दौरान ये गतिविधियां शामिल रहीं:
· इमारतों में लगी आग को बुझाने का रेस्पॉन्स
· घायलों को रेस्क्यू कर तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना
· एम्बुलेंस और अस्पताल समन्वय का परीक्षण
· क्विक रिस्पॉन्स टाइम की परख
ब्लैकआउट का अभ्यास
रात 8 से 9 बजे के बीच इन राज्यों में सायरन बजाकर ब्लैकआउट किया गया। कुछ जिलों में 15 से 30 मिनट तक बिजली बंद रखी गई। इस दौरान पुलिस पेट्रोलिंग, लोगों को सतर्क करना और सुरक्षा सतर्कता की जांच की गई।
ड्रिल की पृष्ठभूमि
यह मॉक ड्रिल पहले 29 मई को होनी थी, लेकिन कुछ कारणों से इसे टाल दिया गया था। अब इसे आज (31 मई) संपन्न किया गया। इस महीने यह दूसरी बार बॉर्डर से लगे राज्यों में मॉक ड्रिल की गई है।
7 मई को हुई पहली ड्रिल में देशभर के 244 शहरों को शामिल किया गया था, जिसमें आम नागरिकों को युद्ध की स्थिति में सुरक्षित रहने की ट्रेनिंग दी गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
यह ड्रिल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई एयरस्ट्राइक (ऑपरेशन सिंदूर) की प्रतिक्रिया के तौर पर भी देखी जा रही है। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर करीब 100 आतंकियों को मार गिराया था।
इस स्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। पाकिस्तान ने ड्रोन अटैक और सीमा पर गोलीबारी की थी, जिसका भारतीय सेनाओं ने मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, 10 मई को सीजफायर समझौते के बाद हालात सामान्य बने हुए हैं।
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