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2nd July 2026

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छत्तीसगढ़ में बिजली फिर महंगी : 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़े दाम; कांग्रेस बोली- 'बिजली बिल हाफ' योजना बहाल करो, हटाओ स्मार्ट मीटर

News Affair Team

Thu, Jul 2, 2026

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से लागू हुई बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इस फैसले को आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही 400 यूनिट तक की 'बिजली बिल हाफ योजना' दोबारा लागू करने और स्मार्ट मीटर हटाने की भी मांग की गई है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले से महंगे बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का सामना कर रहे लोगों पर सरकार ने एक और बोझ डाल दिया है।

'ढाई साल में पांच बार बढ़ीं बिजली दरें'

धनंजय सिंह ठाकुर ने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में बिजली दरों में पांच बार वृद्धि की जा चुकी है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के मामले में सरप्लस राज्य है और स्थानीय संसाधनों से पर्याप्त बिजली पैदा होने के बावजूद उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

स्मार्ट मीटर पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि कई उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से कहीं अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं।

कांग्रेस के अनुसार, जिन परिवारों का पहले मासिक बिजली बिल 400 से 500 रुपये आता था, उन्हें अब 3 से 4 हजार रुपये तक के बिल मिल रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने 10 हजार से 30 हजार रुपये तक के बिल आने की शिकायत भी की है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों, व्यापारियों और उद्योगों पर असर का दावा

कांग्रेस का कहना है कि बिजली दरों में वृद्धि का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। किसानों की सिंचाई लागत बढ़ेगी, जबकि छोटे व्यापारी, होटल व्यवसायी, लघु उद्योग और इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं पर भी इसका आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।

पार्टी का आरोप है कि इससे उत्पादन लागत और कारोबार का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा।

सरकार से तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं-

  • बिजली दरों में की गई 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।

  • 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू की जाए।

  • स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य बिजली मीटर की व्यवस्था बहाल की जाए।

पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच उपभोक्ताओं को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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