डिंपल यादव ने कहा- हम यादववंशी, गाय हमारी मां : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लिया आशीर्वाद; शिवपाल बोले- गोरक्षा की लड़ाई में साथ
News Affair Team
Sat, Jun 6, 2026
लखनऊ.
गोरक्षा और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के अभियान पर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को सैफई पहुंचे। यहां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव, मैनपुरी सांसद डिंपल यादव और पार्टी के कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद नेताओं ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया।
सैफई के एक निजी शिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर स्थापित भगवान श्रीकृष्ण की करीब 60 फीट ऊंची प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।

डिंपल यादव ने जताया समर्थन
मंच से संबोधित करते हुए डिंपल यादव ने शंकराचार्य के अभियान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यादव समाज का गाय से सदियों पुराना संबंध रहा है और गाय को हमेशा पूजनीय माना गया है।
डिंपल ने कहा कि गाय ने समाज को पोषण देने का काम किया है, इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए जो भी संभव होगा, वह और उनकी पार्टी करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सैफई और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शंकराचार्य के विचार सुनने पहुंचे हैं।
शिवपाल बोले- आपकी लड़ाई में हम साथ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी मंच से शंकराचार्य का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश और समाज के साथ अन्याय कर रहे हैं, उनके खिलाफ चल रहे अभियान में वे पूरी मजबूती के साथ साथ खड़े हैं।
शिवपाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से आम जनता तथा किसान परेशान हैं और शासन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है।
शंकराचार्य ने दोहराई राष्ट्रमाता की मांग
अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कोई नया नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लगातार चल रहा अभियान है।
उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा के दौरान उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिला है। शंकराचार्य ने कहा कि गोरक्षा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक विषय भी है, जिस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
कन्नौज की घटना का भी हुआ जिक्र
कार्यक्रम के दौरान हाल ही में कन्नौज में हुई घटना का भी उल्लेख हुआ। शंकराचार्य ने पहले आरोप लगाया था कि प्रशासनिक कारणों से उन्हें निर्धारित स्थान पर रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें सड़क किनारे बने अस्थायी शिविर में रात बितानी पड़ी।
इस मामले को लेकर शुक्रवार को मैनपुरी में हुई मुलाकात के दौरान डिंपल यादव ने शंकराचार्य से खेद भी व्यक्त किया था। सैफई कार्यक्रम में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा।
कई सपा नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद आदित्य यादव, विधायक तेज प्रताप यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मृदुला यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव और अभयराम यादव समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, शंकराचार्य की यात्रा का उद्देश्य विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान चलाकर गोरक्षा और सांस्कृतिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना है। यात्रा आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों से भी होकर गुजरेगी।
मार्च में अखिलेश यादव से हुई थी मुलाकात
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कुछ महीने पहले लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर चुके हैं। उस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न सामाजिक और धार्मिक विषयों पर चर्चा हुई थी।
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