फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप, 32 की मौत : 200 से ज्यादा घायल; सुनामी के बाद 138 आफ्टरशॉक दर्ज
मनीला.
फिलीपींस में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई व्यावसायिक इमारतों, दुकानों और दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। इसका केंद्र मिंडानाओ द्वीप के समीप समुद्र में स्थित था। झटका सारंगानी प्रांत के मासीम कस्बे से करीब 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और 33 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। अधिकारियों ने इसे वर्ष 2026 में फिलीपींस का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है।
भूकंप के बाद आई सुनामी
भूकंप के कुछ ही समय बाद समुद्र में सुनामी की लहरें उठीं। सबसे ऊंची लहर की ऊंचाई करीब 1.4 मीटर दर्ज की गई। संभावित खतरे को देखते हुए इंडोनेशिया और मलेशिया ने अपने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की थी, हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद इसे वापस ले लिया गया।
फिलीपींस के ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान (PHIVOLCS) के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे तक 138 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। इन झटकों की तीव्रता 1.3 से लेकर 6.7 तक रही।





जनरल सैंटोस शहर सबसे ज्यादा प्रभावित
करीब सात लाख आबादी वाले बंदरगाह शहर जनरल सैंटोस में सबसे अधिक नुकसान की खबर है। यहां कई इमारतों में दरारें पड़ गईं, कुछ छोटे भवन आंशिक रूप से ढह गए और एक पुल को भी क्षति पहुंची है।
क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार शहर में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और 130 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने सात लोगों के लापता होने की भी पुष्टि की है।
दक्षिण कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बालुत द्वीप सहित अन्य दक्षिणी क्षेत्रों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है। कई लोग मलबे, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त भवनों की चपेट में आए।



स्कूल भवन गिरने की आशंका, छात्रों की तलाश
जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। आशंका जताई गई कि कुछ छात्र मलबे में फंस सकते हैं।
सोमवार को गर्मी की छुट्टियों के बाद सरकारी स्कूलों का पहला दिन था। कई स्थानों पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान भूकंप आने से अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार 100 से अधिक छात्रों को हल्की चोटें आईं, जबकि कई बच्चे घबराहट के कारण बेहोश हो गए।
राष्ट्रपति ने दिए त्वरित राहत के निर्देश
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सभी सरकारी एजेंसियों को तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में अस्थायी राहत शिविर बनाए जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का असर फिलीपींस तक सीमित नहीं रहा। इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में भी तेज झटके महसूस किए गए। कई लोगों ने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण ली।
इंडोनेशिया की मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की। जापान मौसम एजेंसी ने भी दक्षिणी तटों पर सुनामी एडवाइजरी जारी की, जबकि अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने गुआम क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी किया।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और कनाडा के प्रशांत तटों के लिए किसी बड़े सुनामी खतरे की संभावना नहीं है।
आफ्टरशॉक से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, लेकिन ये पहले से कमजोर इमारतों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार इनकी तीव्रता भी काफी अधिक हो सकती है।
रिंग ऑफ फायर में स्थित है फिलीपींस
फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित हैं। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय घटनाएं आम हैं।
इसी कारण फिलीपींस को दुनिया के सबसे अधिक आपदा प्रभावित देशों में गिना जाता है। यहां हर साल दर्जनों भूकंप और कई उष्णकटिबंधीय चक्रवात आते हैं।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप में 69 लोगों की मौत हुई थी और करीब 150 लोग घायल हुए थे। ताजा आपदा ने एक बार फिर देश की आपदा प्रबंधन तैयारियों की परीक्षा ले ली है।
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