स्मार्ट मीटर लगते ही बढ़ा बिजली बिल? : महंत ने CM साय से जांच की मांग की; कंपनी बोली- 4800 से ज्यादा मीटरों की रीडिंग सही
News Affair Team
Tue, Sep 8, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आने के बाद सियासत भी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराने की मांग की है।
महंत ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों और नगरीय निकायों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इनके लगने के बाद कई उपभोक्ताओं ने बिजली की खपत और बिल में असामान्य बढ़ोतरी की शिकायत की है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटरों की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर खराब या संदिग्ध मीटरों को बदलने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
मेन MCB बंद करने के बाद भी यूनिट बढ़े तो क्या करें?
स्मार्ट मीटर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर घर की बिजली बंद है तो क्या मीटर की यूनिट फिर भी बढ़ सकती है? यहां मीटर के डिस्प्ले या कम्युनिकेशन सिस्टम के सक्रिय रहने और वास्तविक बिजली खपत दर्ज होने में अंतर समझना जरूरी है। स्मार्ट मीटर में रियल-टाइम और 30 मिनट के अंतराल पर बिजली खपत देखने की सुविधा उपलब्ध है। उपभोक्ता खुद भी एक आसान टेस्ट के जरिए मीटर की रीडिंग में बदलाव की जांच कर सकते हैं।
5 मिनट में घर पर ऐसे करें मीटर की जांच
घर के सभी बल्ब, पंखे, AC, फ्रिज, टीवी, गीजर, मोटर, इन्वर्टर समेत बिजली उपकरण बंद करें।
मीटर पर दिखाई दे रही कुल kWh रीडिंग की फोटो लें और समय नोट करें।
घर का मेन MCB बंद कर दें।
करीब 5 मिनट बाद मीटर की kWh रीडिंग दोबारा देखें।
शुरुआत और अंत की रीडिंग की फोटो या वीडियो सुरक्षित रखें।
अगर रीडिंग में अंतर नजर आता है तो उपभोक्ता इन रिकॉर्ड्स के आधार पर संबंधित बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
4800 से ज्यादा मीटरों का चेक मीटर से मिलान: कंपनी
स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि प्रदेश में 4800 से ज्यादा परिसरों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग का चेक मीटर से मिलान किया जा चुका है।
कंपनी के मुताछत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आने के बाद सियासत भी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराने की मांग की है।
महंत ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों और नगरीय निकायों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इनके लगने के बाद कई उपभोक्ताओं ने बिजली की खपत और बिल में असामान्य बढ़ोतरी की शिकायत की है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटरों की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर खराब या संदिग्ध मीटरों को बदलने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
मेन MCB बंद करने के बाद भी यूनिट बढ़े तो क्या करें?
स्मार्ट मीटर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर घर की बिजली बंद है तो क्या मीटर की यूनिट फिर भी बढ़ सकती है? यहां मीटर के डिस्प्ले या कम्युनिकेशन सिस्टम के सक्रिय रहने और वास्तविक बिजली खपत दर्ज होने में अंतर समझना जरूरी है। स्मार्ट मीटर में रियल-टाइम और 30 मिनट के अंतराल पर बिजली खपत देखने की सुविधा उपलब्ध है। उपभोक्ता खुद भी एक आसान टेस्ट के जरिए मीटर की रीडिंग में बदलाव की जांच कर सकते हैं।
5 मिनट में घर पर ऐसे करें मीटर की जांच
घर के सभी बल्ब, पंखे, AC, फ्रिज, टीवी, गीजर, मोटर, इन्वर्टर समेत बिजली उपकरण बंद करें।
मीटर पर दिखाई दे रही कुल kWh रीडिंग की फोटो लें और समय नोट करें।
घर का मेन MCB बंद कर दें।
करीब 5 मिनट बाद मीटर की kWh रीडिंग दोबारा देखें।
शुरुआत और अंत की रीडिंग की फोटो या वीडियो सुरक्षित रखें।
अगर रीडिंग में अंतर नजर आता है तो उपभोक्ता इन रिकॉर्ड्स के आधार पर संबंधित बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
4800 से ज्यादा मीटरों का चेक मीटर से मिलान: कंपनी
स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि प्रदेश में 4800 से ज्यादा परिसरों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग का चेक मीटर से मिलान किया जा चुका है।
कंपनी के मुताबिक, इन सभी मामलों में बिजली की खपत सही पाई गई। इसके अलावा भिलाई की NABL टेस्टिंग लैब में उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की जांच भी की गई। कंपनी का दावा है कि जांच के दौरान किसी मीटर में तकनीकी त्रुटि नहीं मिली।

शिकायतों की जांच की मांग
एक तरफ उपभोक्ताओं की ओर से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल और खपत बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं बिजली कंपनी जांच के आधार पर मीटरों को सही बता रही है।
ऐसे में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। अब स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और बिजली खपत को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।बिक, इन सभी मामलों में बिजली की खपत सही पाई गई। इसके अलावा भिलाई की NABL टेस्टिंग लैब में उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की जांच भी की गई। कंपनी का दावा है कि जांच के दौरान किसी मीटर में तकनीकी त्रुटि नहीं मिली।
शिकायतों की जांच की मांग
एक तरफ उपभोक्ताओं की ओर से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल और खपत बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं बिजली कंपनी जांच के आधार पर मीटरों को सही बता रही है।
ऐसे में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। अब स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और बिजली खपत को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
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