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8th June 2026

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‘जेल में मुझे भीष्म पितामह कहते थे’ : विक्रम भट्ट ने सुनाए 70 दिन के अनुभव; बोले- वहां लगभग मर ही गया था

News Affair Team

Sun, Jun 7, 2026

मुंबई.

फिल्म निर्माता और निर्देशक विक्रम भट्ट ने कथित धोखाधड़ी मामले में उदयपुर जेल में बिताए दिनों को लेकर पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने दावा किया कि जेल में बिताए करीब 70 दिन उनके जीवन के सबसे कठिन दौरों में से एक रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि साथी कैदियों से उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा सहयोग और सम्मान मिला।

एक इंटरव्यू में विक्रम भट्ट ने बताया कि जेल में वह दर्जनों कैदियों के साथ एक ही बैरक में रहते थे। शुरुआत में माहौल को लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन समय बीतने के साथ वहां मौजूद लोग उनके करीब आ गए।

‘कैदी मुझे भीष्म पितामह बुलाते थे’

विक्रम भट्ट ने बताया कि बैरक में रहने वाले कैदी उन्हें मजाकिया अंदाज में ‘भीष्म पितामह’ कहकर बुलाते थे। उन्होंने कहा कि कई कैदी रात के समय उनसे फिल्मी किस्से और डरावनी कहानियां सुनाने की जिद करते थे।

भट्ट के मुताबिक, साथी कैदी उनकी सेहत और जरूरतों का भी ख्याल रखते थे। कई बार वे उनके लिए खाना लाते और कपड़ों की व्यवस्था में मदद करते थे।

जेल में बिगड़ी तबीयत, हुआ पीलिया

फिल्ममेकर ने बताया कि जेल में रहते हुए उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई। पहले से मौजूद ऑटोइम्यून बीमारी एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के कारण उन्हें जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द रहता था। सर्द मौसम में यह समस्या और बढ़ गई।

उन्होंने कहा कि ठंड के दिनों में करवट बदलना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें पीलिया भी हो गया। भट्ट ने दावा किया कि बीमारी के बावजूद उन्हें अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई।

उनके अनुसार, तेज बुखार और कमजोरी के समय बैरक में मौजूद कैदियों ने अपने कंबल देकर उनकी मदद की। उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्हें लगा था कि शायद वह इस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाएंगे।

30 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला

विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के खिलाफ उदयपुर में 30 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत इंदिरा IVF के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया की ओर से दर्ज कराई गई थी।

आरोप था कि फिल्म और बायोपिक परियोजनाओं से जुड़े निवेश के नाम पर धन के उपयोग को लेकर विवाद पैदा हुआ। इसी मामले में दिसंबर 2025 में उदयपुर पुलिस ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी और एक मैनेजर को मुंबई से गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद तीनों को उदयपुर लाया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

करीब दो महीने तक जेल में रहने के बाद मामले में कानूनी राहत मिली। फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत दी थी। बाद में विक्रम और श्वेतांबरी दोनों को नियमित जमानत मिल गई।

अदालत ने विवाद के समाधान के लिए मध्यस्थता की प्रक्रिया अपनाने का सुझाव भी दिया था। इसके बाद दोनों जेल से रिहा हुए।

रिहाई के बाद आए कई फोन

विक्रम भट्ट ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त ने उन्हें फोन कर स्वास्थ्य और हालात की जानकारी ली।

भट्ट ने कहा कि संजय दत्त का फोन उनके लिए विशेष था, क्योंकि दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया था। वहीं, अपने पुराने मित्र और अभिनेता अजय देवगन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों पुराने संबंधों के कारण उनका संपर्क करना स्वाभाविक था।

जब उनसे अक्षय कुमार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हर रिश्ते की अपनी प्रकृति होती है और सभी से एक जैसी अपेक्षा नहीं रखी जा सकती।

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