धीरेंद्र शास्त्री बोले- गरबा में बाहरी लोगों को गोमूत्र पिलाकर दें एंट : बेटियां दुर्गा-काली बनें, बुर्के वाली नहीं; सागर में लव जिहाद मुक्त बनाने की बात कही
News Affair Team
Thu, Oct 15, 2026
भोपाल.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्र और गरबा पंडालों में प्रवेश को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने बेटियों से दुर्गा और काली बनने की अपील करते हुए कहा कि वे कभी बुर्के वाली न बनें। साथ ही गरबा पंडालों में बाहरी लोगों को गोमूत्र पिलाकर प्रवेश देने की बात दोहराई।
धीरेंद्र शास्त्री 11 अक्टूबर से सनातन हिंदू एकता रथयात्रा निकाल रहे हैं। 13 अक्टूबर की रात यात्रा सागर जिले के गढ़ा कोटा पहुंची। यहां बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गरबा पंडालों को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

बोले- गरबा में कालनेमि की तरह रूप बदलकर आते हैं लोग
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गरबा में कुछ लोग कालनेमि की तरह रूप बदलकर आते हैं। उन्होंने गढ़ा कोटा और सागर को लव जिहाद मुक्त बनाने की बात भी कही। शास्त्री ने खुद को साधु बताते हुए कहा कि वे नेता नहीं हैं, लेकिन लोगों को जागरूक कर सकते हैं।
गरबा पंडाल में गोमूत्र पिलाकर प्रवेश देने का बयान वे इससे पहले दमोह में भी दे चुके हैं। नवरात्र के दौरान गरबा आयोजनों में पहचान की जांच और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर उनका यह बयान चर्चा में है।
जात-पात मिटाने और नशामुक्ति की अपील
गढ़ा कोटा में कार्यक्रम के बाद रथयात्रा रहली की ओर रवाना हुई। रहली बायपास पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा कड़ता गांव और ढाना समेत कई स्थानों से गुजरी। रास्ते में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
रथ से संबोधन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” उन्होंने लोगों से आपसी भेदभाव छोड़कर एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। साथ ही शराब छोड़ने और अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया।
यात्रा बम्होरी बीका, बम्होरी चौराहा और आरटीओ रोड से होते हुए रात करीब 2:30 बजे बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। यहां दिव्य दरबार लगाया गया और यात्रा ने रात्रि विश्राम किया।

जेन-जी के प्रदर्शन पर बोले- युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार
मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रथयात्रा के जरिए कम समय में ज्यादा स्थानों तक पहुंचा जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा, “तनातनी नहीं, सनातनी रहें और एक रहेंगे, नेक रहेंगे।”
दिल्ली में जेन-जी के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को ऐसा करते समय देश की छवि का ध्यान रखना चाहिए।
मकरोनिया होते हुए बंडा पहुंचेगी रथयात्रा
14 अक्टूबर को सुबह पूजा-अर्चना, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण के बाद रथयात्रा आगे बढ़ने का कार्यक्रम था। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, यात्रा मोती नगर चौराहे, ओम स्टील, रेलवे ब्रिज और भगवानगंज होते हुए मकरोनिया पहुंचनी थी। यहां रजाखेड़ी चौराहे पर स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। इसके बाद यात्रा को बंडा के लिए रवाना होना था। कर्रापुर में मंचीय कार्यक्रम के बाद रथयात्रा के बंडा पहुंचने का कार्यक्रम तय था।
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