PF खाताधारकों के लिए WhatsApp सुविधा शुरू : चेक कर सकेंगे बैलेंस और पासबुक, ₹1,000 तक वाले बंद खातों का पैसा अपने आप मिलेगा
नईदिल्ली.
एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों को राहत देते हुए दो नई सुविधाएं शुरू की हैं। अब कर्मचारी WhatsApp के जरिए अपने PF खाते का बैलेंस, पासबुक और पिछले पांच लेनदेन की जानकारी ले सकेंगे। वहीं, जिन निष्क्रिय खातों में ₹1,000 तक की राशि बची है और जिनका आधार वेरिफाइड है, उनका पैसा बिना क्लेम फॉर्म भरे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को EPFO के 74वें स्थापना दिवस पर इन सुविधाओं की शुरुआत की। मंत्रालय के मुताबिक, ऑटोमैटिक सेटलमेंट की व्यवस्था से करीब एक लाख खाताधारकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके तहत लगभग ₹5 करोड़ की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
अब WhatsApp पर मिलेगी PF खाते की जानकारी

EPFO की नई WhatsApp सेवा के जरिए खाताधारक मोबाइल पर ही PF बैलेंस, पासबुक और पिछले पांच लेनदेन का ब्योरा देख सकेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी जरूरी जानकारी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
श्रम मंत्रालय के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य नियमित सेवाओं को लोगों के लिए आसान बनाना है। इससे खाताधारकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए EPFO कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
₹1,000 तक वाले निष्क्रिय खातों का पैसा अपने आप मिलेगा
EPFO ने पात्र निष्क्रिय खातों के ऑटोमैटिक सेटलमेंट की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत जिन इनऑपरेटिव PF खातों में ₹1,000 या इससे कम राशि बची है और जिनका आधार वेरिफाइड है, उन्हें रकम निकालने के लिए क्लेम फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।
EPFO पहचान और बैंक खाते का सत्यापन करने के बाद खुद भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेगा। पात्र खाताधारकों की बची हुई रकम सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से करीब एक लाख लोगों को लाभ मिलने और कुल ₹5 करोड़ के भुगतान का अनुमान है।
36 महीने तक योगदान नहीं आने पर खाता हो सकता है निष्क्रिय
जब किसी PF खाते में लगातार 36 महीने तक नया योगदान नहीं आता, तो उसे निष्क्रिय यानी इनऑपरेटिव माना जा सकता है। नौकरी बदलने या सेवानिवृत्ति के बाद खाते में पैसा छोड़ देने पर भी ऐसी स्थिति बन सकती है। अब ऐसे पात्र खातों में ₹1,000 तक की बची राशि का भुगतान ऑटोमैटिक सेटलमेंट के जरिए किया जाएगा।
EPFO के पास ₹32 लाख करोड़ का फंड
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि EPFO के पास 8 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के योगदान से जमा करीब ₹32 लाख करोड़ का कॉर्पस है। उन्होंने कहा कि 74 वर्षों के सफर में यह संगठन देश के कर्मचारियों के लिए एक भरोसेमंद संस्थान बनकर उभरा है।
मंत्री ने अधिकारियों से सेवाओं को और सरल बनाने के लिए नई तकनीक और नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि EPFO जल्द ही अपने 75वें वर्ष में प्रवेश करेगा। ऐसे में कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना जरूरी है।

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