राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार हटेंगे, जेल जाएंगे : दिल्ली में रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन; भाजपा ने कहा- 2024 में वे CEC थे ही नहीं
News Affair Team
Sun, Nov 1, 2026
नईदिल्ली.
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेता एक मंच पर जुटे। मांग एक थी- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
करीब चार घंटे चली रैली में राहुल गांधी ने सीधे CEC को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से हटेंगे और जेल जाएंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर उनके मतदान का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी के आरोपों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और सुप्रिया सुले समेत INDIA ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए। आठ नेताओं ने मंच से संबोधन किया। इससे एक दिन पहले खड़गे के आवास पर विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था।


राहुल बोले- वोट चोरी पर होगी कानूनी कार्रवाई
रैली में राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश की आवाज दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि CEC को पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
राहुल ने कहा-
ज्ञानेश कुमार CEC के पद से हटेंगे और जेल जाएंगे। यह आम चोरी नहीं है, यह हिंदुस्तान के हर नागरिक की आवाज की चोरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की संस्थागत भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। राहुल ने कहा कि विपक्ष इस लड़ाई को किसी एक पार्टी या नेता का आंदोलन नहीं मानता, बल्कि इसे संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई मानता है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और देश को न्याय मिलेगा।

राहुल ने अपने संबोधन में दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। उन्होंने इसे करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटने के बराबर बताया। यह आंकड़ा और इससे निकाला गया चुनाव की वैधता पर निष्कर्ष राहुल गांधी के दावे हैं; इन्हें चुनाव आयोग के प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
महबूबा बोलीं- कहीं पूरे देश को जम्मू-कश्मीर न बना दें
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा-
देश के सामने खड़ी समस्याओं को समय रहते नहीं समझा गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सार्वजनिक संपत्तियां कारोबारी मित्रों को सौंप दीं और युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे नहीं किए।
उन्होंने अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सेना में सम्मान के साथ जाने वाले युवाओं को अब अग्निवीर बनाया जा रहा है। महबूबा ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
फारूक अब्दुल्ला बोले- हमने देश के लिए खून दिया, हमें पाकिस्तानी न कहें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा-
मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहकर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए लोगों ने बलिदान दिया है और आगे भी देते रहेंगे।
फारूक ने अखिलेश यादव के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उत्तर प्रदेश में हिंदू मतदाताओं के नाम कटने का दावा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने वाले वे लोग भी पाकिस्तानी हैं। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश के सभी नागरिक बराबर हैं और किसी को भी मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
ममता बोलीं- लोकतंत्र और अधिकार छीने गए, लड़ाई जारी रहेगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और मतगणना तक प्रभावित की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।
ममता ने कहा-
बंगाल के लोगों के अधिकार छीने गए हैं। उन्होंने रोजगार, महिलाओं के सम्मान और किसानों के मुद्दे उठाते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। अपने भाषण में उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भी तीखे तंज किए।
अखिलेश बोले- यूपी में भी वोटर लिस्ट से नाम काटे गए

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाने के कारण चुनाव आयोग को हथियार बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भी वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 1 करोड़ 27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम काटे गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि जनता उसे जवाब देगी।
खड़गे बोले- मोदी खुद चुन रहे कि कौन वोट देगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मतदाता सूची के जरिए लोगों के मतदान अधिकार को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं और अन्य वर्गों के वोट काटने की कोशिश की जा रही है।
खड़गे ने कहा-
विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुट है और यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप भी लगाए।
तेजस्वी बोले- वोट चोरों के खिलाफ महाभारत लड़नी होगी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने रामलीला मैदान की सभा को वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई बताया। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। तेजस्वी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
CPM महासचिव एमए बेबी ने भी CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देश को कथित फासीवादी ताकतों से बचाने के लिए विपक्ष को संघर्ष के रास्ते पर एकजुट रहना होगा।

भाजपा का जवाब- 2024 में ज्ञानेश कुमार CEC थे ही नहीं
विपक्ष की रैली पर भाजपा ने सवाल उठाए। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताने वाले दावे पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। वे फरवरी 2025 में CEC बने थे। पात्रा ने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी 2024 के चुनाव को अवैध बता रहे हैं तो वे उसी चुनाव से चुने गए नेता प्रतिपक्ष कैसे हैं।
पात्रा ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए कहा कि मैदान में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली थीं। उनके मुताबिक, 28 हजार कुर्सियों में 5 से 7 हजार खाली थीं।
चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर कहा गया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से डुप्लीकेट और अपात्र नाम हटाना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं।
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