भोपाल AIIMS के बाहर नशे में डॉक्टरों का हंगामा : पुलिस से की गाली-गलौज, बोले-10 थानों के अफसरों को जानता हूं, तुम कौन हो मुझे रोकने वाले
News Affair Team
Wed, Oct 29, 2025
भोपाल.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित AIIMS (एम्स) अस्पताल के इमरजेंसी गेट के सामने चार डॉक्टरों का नशे में हंगामा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब चार डॉक्टर अपनी कार में बैठकर शराब पार्टी कर रहे थे।
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कार की छत पर बीयर की बोतल रखी हुई है, और अंदर दो डॉक्टर नशे में धुत पड़े हैं। कार के आसपास स्नैक्स और शराब की बोतलें बिखरी हुईं नजर आ रही हैं।
पुलिस पहुंची तो डॉक्टर ने दिखाया रौब
सूचना मिलने पर बागसेवनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जब जांच शुरू की, तो एक डॉक्टर ने पुलिस से गाली-गलौज और बदसलूकी शुरू कर दी। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा- मैं 2016 से यहां हूं, 10 थानों के अफसरों को जानता हूं, तुम कौन हो मुझे रोकने वाले?
पुलिस ने उसे शांत करने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करता रहा। इस दौरान किसी राहगीर ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में नशे में धुत डॉक्टरों का हंगामा
वायरल वीडियो में दिख रहा है, एक डॉक्टर कार से उतरकर पुलिसकर्मी से बहस कर रहा है। वहीं कार की छत पर रखी बीयर की बोतल और अंदर फैले स्नैक्स पार्टी के सबूत दे रहे हैं।
वीडियो के दूसरे हिस्से में डॉक्टर को पुलिस से भागने की कोशिश करते हुए भी देखा जा सकता है, लेकिन पुलिसकर्मी उसे पकड़ लेते हैं और रोकते हैं। इस दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि डॉक्टरों ने पहले शराब पी और फिर सड़क पर शोर-शराबा करना शुरू कर दिया। जब पुलिस पहुंची, तो उन्होंने अपनी पहचान बताकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की।
पुलिस ने बनाई रिपोर्ट, एम्स को भेजी सूचना
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार कर AIIMS प्रबंधन को भेज दी। रात में ही पुलिस ने डॉक्टरों को AIIMS सिक्योरिटी गार्ड्स के हवाले कर दिया। हालांकि यह घटना एम्स परिसर के बाहर की बताई जा रही है।
बागसेवनिया थाने के टीआई अमित सोनी ने बताया- हमें देर रात जानकारी मिली थी कि चार युवक AIIMS के गेट के बाहर शराब पार्टी कर रहे हैं। जब पुलिस पहुंची, तो उन्होंने विरोध किया और बहस की। उनकी पहचान एम्स के डॉक्टरों के रूप में हुई है, लेकिन हम पुष्टि के बाद ही कार्रवाई करेंगे।
एम्स प्रबंधन ने गठित की जांच समिति
बुधवार सुबह करीब 11 बजे AIIMS प्रबंधन को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो तत्काल एक आंतरिक जांच समिति गठित कर दी गई। एम्स प्रशासन ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विभाग की पुष्टि होने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
AIIMS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया- यह संस्थान की साख से जुड़ा गंभीर मामला है। हम इसे लेकर बेहद गंभीर हैं। जांच समिति को तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी डॉक्टर सीनियर रेजिडेंट पद पर
AIIMS भोपाल के सिक्योरिटी सुपरवाइजर एस.एन. राय ने बताया कि घटना गेट के बाहर की है, इसलिए सिक्योरिटी टीम की इसमें सीधी भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा- पुलिस ने चारों डॉक्टरों को रात में एम्स गार्ड के हवाले कर दिया था।
सभी डॉक्टर सीनियर रेजिडेंट पद पर हैं। प्रबंधन को पूरी जानकारी दी जा चुकी है। एम्स के भीतर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है, कई डॉक्टरों ने निजी तौर पर कहा कि कुछ लोगों की हरकत से पूरे संस्थान की छवि खराब हो रही है।
पुलिस जुटा रही है चारों की पहचान
पुलिस अभी चारों डॉक्टरों की सटीक पहचान और विभागीय विवरण जुटा रही है। बागसेवनिया थाने के प्रभारी टीआई अमित सोनी ने बताया कि डॉक्टरों की जानकारी एम्स से मांगी गई है। पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन और सरकारी कर्मियों द्वारा उत्पात दोनों ही कानूनी अपराध हैं। फिलहाल पुलिस ने वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद कार्रवाई तय
AIIMS प्रबंधन का कहना है कि पहले यह पुष्टि की जाएगी कि वीडियो में दिख रहे चारों लोग वाकई संस्थान से जुड़े हैं या नहीं। उनकी पहचान और विभाग का सत्यापन होते ही अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संस्थान के डीन कार्यालय ने भी पूरे मामले की निगरानी शुरू कर दी है। अगर ये डॉक्टर एम्स के कर्मचारी साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ सस्पेंशन और विभागीय जांच तक की कार्रवाई संभव है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा बवाल
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, लोगों ने AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के डॉक्टरों के बर्ताव पर नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने लिखा- यह वही डॉक्टर हैं जिन पर लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन ये खुद सड़क पर कानून तोड़ रहे हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि डॉक्टरों का ऐसा गैर-जिम्मेदार व्यवहार पूरे चिकित्सा समुदाय की छवि पर सवाल उठाता है।
एम्स की साख पर दाग
AIIMS देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक है। भोपाल में इसकी पहचान एक उच्च मानक और अनुशासनप्रिय संस्थान के रूप में है। ऐसे में डॉक्टरों का इस तरह का व्यवहार न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि भविष्य में आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित कर सकता है।
AIIMS के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा- अगर जांच में आरोप साबित होते हैं, तो यह संस्थान के अनुशासन की बड़ी विफलता होगी।
जनता में नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद भोपाल के नागरिक संगठनों ने एम्स प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों को समाज में आदर्श होना चाहिए, लेकिन इस तरह की हरकतों से पूरे वर्ग की छवि धूमिल होती है। सिटीजन फोरम के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा- डॉक्टरों का सड़क पर शराब पीना और पुलिस से बदसलूकी करना शर्मनाक है। एम्स को चाहिए कि दोषी डॉक्टरों को तत्काल निलंबित करे।
कानून क्या कहता है
मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना और नशे में हंगामा करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल दोनों हो सकते हैं। पुलिस इस मामले को फिलहाल धारा 34 (शांति भंग) और आबकारी अधिनियम की धाराओं में दर्ज करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन