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1st June 2026

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News Affair Team

Mon, Jun 1, 2026

रायपुर/बेमेतरा.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह प्रशासनिक अव्यवस्था और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। समारोह में अचानक हुई बारिश के दौरान व्यवस्थाएं चरमराने के बाद विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सार्वजनिक रूप से नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को फटकार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि तीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

सूत्रों के मुताबिक बेमेतरा एसडीओ प्रकाश कुमार भारद्वाज, पीएचई के कार्यपालन अभियंता जे.पी. गोंड़ और देवरबीजा के नायब तहसीलदार राजाराम लहरे को पूरे मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है। प्रशासन यह जानना चाहता है कि कार्यक्रम में भीड़ और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई।

बारिश ने बिगाड़ी व्यवस्थाओं की तस्वीर

विवाह की रस्में चल ही रही थीं कि मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज बारिश शुरू होते ही आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन इधर-उधर शरण तलाशते नजर आए।

कई लोगों ने प्लास्टिक की कुर्सियां सिर पर रख लीं तो कुछ ने गद्दों और तिरपालों का सहारा लिया। कई जोड़े भीगते हुए विवाह की रस्में पूरी करते रहे। समारोह में मौजूद लोगों का कहना था कि बारिश की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जानी चाहिए थी।

इस दौरान एक और घटना चर्चा में रही। डिप्टी सीएम अरुण साव बैलगाड़ी में बैठने के दौरान फिसल गए। हालांकि उन्हें कोई चोट नहीं आई और कार्यक्रम आगे चलता रहा।

"15 साल मुख्यमंत्री रहा, ऐसी बदइंतजामी नहीं देखी"

बारिश के बीच अव्यवस्था देखकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि प्रशासन समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने में असफल रहा।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल यहां मौजूद था, लेकिन ढाई घंटे तक अधिकारी कोई दूसरी व्यवस्था नहीं कर पाए। मैंने अपने 15 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में इस तरह की बदइंतजामी नहीं देखी।"

डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि आमतौर पर वे सार्वजनिक मंच से अधिकारियों पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन इस मामले में उन्हें लगा कि प्रशासनिक उदासीनता पर बोलना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

मुख्यमंत्री बोले- बारिश बनी मुख्य वजह

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कार्यक्रम पुराने सर्किट हाउस परिसर में टेंट लगाकर आयोजित किया गया था। मौसम खराब होने पर कलेक्टर ने माहेश्वरी भवन में आयोजन स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था, लेकिन वहां व्यवस्थाएं करने में समय लगना था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अधिकांश आयोजन टेंट के माध्यम से ही होते हैं और उसी आधार पर तैयारियां की गई थीं। अचानक हुई बारिश के कारण स्थिति प्रभावित हुई और कुछ असुविधाएं सामने आईं।

पार्किंग से लेकर बिजली तक कई सवाल

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में कई बिंदुओं को शामिल किया गया है। आयोजन स्थल पर वाहनों की पार्किंग पर्याप्त नहीं थी। बैठने के लिए कुर्सियों की संख्या भी कम बताई जा रही है। बारिश के दौरान बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति भी सामने आई, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

विधायक की शादी बनी चर्चा का केंद्र

रविवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इसलिए भी खास था क्योंकि इसमें बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू स्वयं दूल्हे के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ड्राइवर की बेटी तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए। समारोह में कुल 21 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

दीपेश साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता वे अपने पास नहीं रखेंगे। इस राशि का उपयोग मेधावी छात्राओं की शिक्षा के लिए किया जाएगा।

समारोह में सभी दूल्हे ई-रिक्शा से सर्किट हाउस पहुंचे, जबकि बारात पारंपरिक बैलगाड़ियों से निकाली गई। लोक संस्कृति की झलक दिखाने के लिए परी नृत्य का आयोजन भी किया गया।

शिक्षक से विधायक तक का सफर

दीपेश साहू राजनीति में आने से पहले करीब एक दशक तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना। भाजपा में विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के बाद वे पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने और फिर बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।

ड्राइवर की बेटी हैं तरुणा

विधायक की पत्नी तरुणा साहू दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने स्नातकोत्तर (एमए) तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता मालती साहू गृहिणी हैं। परिवार वर्तमान में बेमेतरा में निवास करता है।

बेमेतरा का यह सामूहिक विवाह समारोह जहां एक ओर विधायक की सादगीपूर्ण शादी के कारण चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर बारिश के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री द्वारा बिठाई गई जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

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