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31st October 2026

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मंच पर चढ़कर नारेबाजी, सर्टिफिकेट लूटे; आयोजक भाजपा नेता को दौड़ाकर पकड़ा

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‘रन फॉर यूनिटी’ में तोड़ी कुर्सियां, हुआ बवाल : मंच पर चढ़कर नारेबाजी, सर्टिफिकेट लूटे; आयोजक भाजपा नेता को दौड़ाकर पकड़ा

News Affair Team

Sat, Oct 31, 2026

प्रयागराज.

प्रयागराज में राष्ट्रीय एकता दिवस पर शनिवार को आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन में बवाल हो गया। पुरस्कार वितरण के दौरान प्रतिभागियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कुर्सियां तोड़ डाली और सर्टिफिकेट लूट लिए। मंच पर चढ़ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मैराथन में गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगाते हुए नाराज प्रतिभागियों ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह पटेल को घेर लिया।

डॉ. पटेल वहां से निकलने की कोशिश करने लगे तो लोगों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें भीड़ से निकालकर नैनी थाने पहुंचाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रतिभागियों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर भाजपा यमुनापार की ओर से आयोजित इस मैराथन में आयोजकों के मुताबिक करीब 5 से 6 हजार लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम नैनी के अभिनंदन गेस्ट हाउस (मेवालाल की बगिया) से शुरू होकर अरैल घाट स्थित सच्चा बाबा आश्रम के पास सेल्फी पॉइंट पर समाप्त होना था।

तय समय से पहले शुरू हुई दौड़, बाइक से पहुंचने के भी आरोप

मैराथन सुबह 7 बजे शुरू होनी थी। प्रतिभागियों का आरोप है कि दौड़ करीब आधा घंटे पहले ही शुरू करा दी गई। न तो औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई गई और न ही दौड़ के नियमों का पालन कराया गया। आरोप यह भी है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले लोग भी दौड़ में शामिल हो गए।

कुछ प्रतिभागियों ने दावा किया कि कई लोग बाइक पर बैठकर रास्ता तय करते रहे और आखिरी हिस्से में उतरकर दौड़ने लगे। इससे दौड़ में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे। नाराज प्रतिभागियों ने दोबारा मैराथन कराने की मांग की और आयोजकों पर बेईमानी के आरोप लगाए।

भाजपा नेता को घेरा, भागने लगे तो दौड़ाकर पकड़ा

मैराथन के आयोजन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह पटेल संभाल रहे थे। वह पूर्व राज्य मंत्री और बारा के पूर्व विधायक रामसेवक पटेल के बेटे हैं।

दौड़ पूरी होने के बाद सच्चा बाबा आश्रम के पास बने मंच पर विजेताओं को प्रमाणपत्र दिए जा रहे थे। इसी दौरान कुछ प्रतिभागियों ने देवी सिंह पटेल को घेर लिया। वे दौड़ में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोबारा आयोजन कराने की मांग करने लगे।

इसी बीच मंच के नीचे तोड़फोड़ शुरू हो गई। आरोप है कि देवी सिंह वहां से निकलने लगे तो नाराज प्रतिभागियों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने उन्हें भीड़ से सुरक्षित निकालकर सरकारी जीप से नैनी थाने पहुंचाया।

मंच से सर्टिफिकेट उठाने की होड़, थाने में बांटी गई प्राइज मनी

हंगामे के दौरान मंच पर रखे सर्टिफिकेट को लेकर भी अफरा-तफरी मच गई। प्रतिभागी एक-दूसरे से प्रमाणपत्र छीनने लगे। दावा है कि कुछ लोग एक साथ कई-कई सर्टिफिकेट उठा ले गए। एक प्रतिभागी के 10 तक सर्टिफिकेट ले जाने की बात भी कही गई।

उधर, पुलिस ने विजेता प्रतिभागियों को नैनी थाने बुलाया। वहां उनका सम्मान कराया गया और उन्हें पुरस्कार राशि दिलवाई गई। मैराथन में पहले स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 11 हजार और दूसरे स्थान पर आने वाले को 7 हजार रुपए देने की घोषणा की गई थी।

प्रतिभागियों ने क्या कहा?

उमा सेन: मैं चार-पांच बच्चों को लेकर आई थी। स्पोर्ट्स पर्सन होने के नाते सभी को अच्छा व्यवहार करना चाहिए। यहां कुछ लोग जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे। मैं खुद कराटे टीचर हूं और मैंने भी दौड़ में हिस्सा लिया। कुछ लोगों की वजह से माहौल खराब हुआ।

नीरजा: मैं कन्नौज से आई हूं और मैंने पहला स्थान हासिल किया है। मुझे 11 हजार रुपए का पुरस्कार मिला। कुछ लड़कों ने सिस्टम बिगाड़ने की कोशिश की, जिससे परेशानी हुई। हालांकि, आयोजन अच्छा हुआ।

लक्ष्मी देवी: मैं भी कन्नौज से आई हूं। कुछ लड़कों ने हंगामा किया। मेडल और सर्टिफिकेट बांटने के दौरान अफरा-तफरी मच गई। हमें थाने में बुलाया गया, जहां पुरस्कार राशि दी गई।

अंशु पासवान: मैं मध्य प्रदेश से आया हूं। ऑनलाइन फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन कराया था। यहां कोई नियम नजर नहीं आया। कुछ लोग बाइक से दौड़ रहे थे और आखिरी 100 मीटर में उतरकर दौड़ने लगे। मुझे फटा हुआ सर्टिफिकेट मिला, जो मेरे किस काम का?

चंदन कुमार: मैं बिहार के रसूलपुर से आया हूं। पांच किलोमीटर की दौड़ होनी थी, लेकिन यहां चीटिंग हुई। कोई गाड़ी से आया तो कोई बाइक पर बैठकर रास्ता तय करता रहा। आखिरी में उतरकर दौड़ने वालों को आगे कर दिया गया।

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