एशियन गेम्स में नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले अनिमेष की कहानी : कांकेर के नरहरदेव मैदान में पिता ने कराई थी प्रैक्टिस, मिक्स्ड रिले में भारत को ब्रॉन्ज
News Affair Team
Thu, Oct 1, 2026
कांकेर.
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर ने मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर देश का नाम रोशन किया। भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड में रेस पूरी कर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के पीछे छत्तीसगढ़ के कांकेर से जुड़ी एक कहानी भी है, जहां अनिमेष ने अपने शुरुआती दिन नरहरदेव मैदान पर अभ्यास करते हुए बिताए थे।
अनिमेष मूल रूप से जशपुर जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता अमृत कुजूर और मां रीना कुजूर करीब 11 साल तक कांकेर पुलिस में पदस्थ रहे। इसी दौरान अनिमेष का बचपन कांकेर में बीता। उन्होंने पांचवीं तक सेंट माइकल स्कूल में पढ़ाई की, इसके बाद सैनिक स्कूल अंबिकापुर चले गए।
लॉकडाउन में पिता बने कोच
छुट्टियों में कांकेर आने पर अनिमेष नरहरदेव मैदान में फुटबॉल खेलते थे। साल 2020 में 12वीं की पढ़ाई पूरी हुई, तभी कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लग गया। खेल गतिविधियां बंद थीं और पेशेवर कोच की सुविधा भी नहीं थी। ऐसे समय में पुलिस विभाग में पदस्थ उनके पिता अमृत कुजूर ने ही प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभाली। पिता के मार्गदर्शन में अनिमेष ने नरहरदेव मैदान पर अभ्यास जारी रखा।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पांच गोल्ड से बदली दिशा
अभ्यास के दौरान अनिमेष ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पांच स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते। इस प्रदर्शन ने उनके एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ाने की दिशा दी।
कांकेर के मैदान पर शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। अब एशियन गेम्स में नेशनल रिकॉर्ड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय रिले टीम में अनिमेष की मौजूदगी ने उनकी यात्रा को नई पहचान दी है।
41.06 सेकंड में रिकॉर्ड, भारत को मिला कांस्य
29 सितंबर को मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले फाइनल में भारतीय चौकड़ी ने 41.06 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। टीम में गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा शनुवल्ली, अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा शामिल थे। चीन ने 40.78 सेकंड के साथ गोल्ड और थाईलैंड ने 40.87 सेकंड के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारत का पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड 41.35 सेकंड था।
कांकेर के नरहरदेव मैदान पर अभ्यास करने वाले अनिमेष की यह उपलब्धि बताती है कि किसी खिलाड़ी के सफर में शुरुआती प्रशिक्षण, परिवार का साथ और लगातार अभ्यास कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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