Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

29th August 2026

ब्रेकिंग

5 सदस्यीय समिति ने शुरू किया ड्राफ्ट पर काम; लोगों से ली जाएगी राय

CM साय ने किया शुभारंभ; चुने गए बच्चों को मिलेगी स्पेशल एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग; बेंगलुरु में शुभांशु शुक्ला से मुलाकात

11:30 बजे भरी उड़ान, 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास खेत में गिरा; 5 फीट की दीवार तोड़कर बिखरा मलबा

5 किलो से ज्यादा नहीं मिलेगी, 30 दिन में 35% बढ़े दाम; सरकार ने 10 लाख टन इंपोर्ट को दी मंजूरी

CM मोहन यादव ने सपत्नीक किया हवन-पूजन; बोले- नई पीढ़ी तक पहुंचेगा सनातन ज्ञान

एलन मस्क बने पहले ट्रिलिनेयर : हर घंटे 10 लाख डॉलर खर्च करें तो भी 114 साल लगेंगे; स्पेसएक्स का IPO 75 बिलियन डॉलर का

न्यूयार्क.

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स आज, 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर लिस्ट हो गई। कंपनी ने अपने आईपीओ का फाइनल प्राइस 135 डॉलर तय किया है और यह लिस्टिंग 1.77 ट्रिलियन डॉलर (करीब 168 लाख करोड़ रुपए) के भारी-भरकम वैल्यूएशन पर हुई है। इस ऐतिहासिक इवेंट के बाद इलॉन मस्क के दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बन गए हैं।

स्पेसएक्स इस आईपीओ के जरिए करीब 75 बिलियन डॉलर (लगभग 7.15 लाख करोड़ रुपए) जुटा रही है। यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों में आए सभी अमेरिकी आईपीओ की कुल राशि से भी अधिक है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर माना जा रहा है।

मस्क की संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर पार

फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार, इलॉन मस्क की मौजूदा नेटवर्थ लगभग 982 बिलियन डॉलर है। स्पेसएक्स में उनकी बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए, लिस्टिंग के बाद उनकी कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर के पार जाने की पूरी संभावना है।

1 ट्रिलियन डॉलर का मतलब कितना बड़ा?

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, 1 ट्रिलियन डॉलर इतनी बड़ी राशि है कि यह दुनिया के अधिकांश देशों की GDP से भी अधिक है। सिर्फ 20 देश ही ऐसे हैं जिनकी अर्थव्यवस्था इससे बड़ी है।

एक अनुमान के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति हर घंटे 10 लाख डॉलर खर्च करे तो भी 1 ट्रिलियन डॉलर खत्म करने में उसे 114 साल से अधिक लग जाएंगे।

मार्केट में चर्चा: ‘इलॉन प्रीमियम’ क्या है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्पेसएक्स का वैल्यूएशन पारंपरिक वित्तीय मापदंडों से अलग है। इसे “इलॉन प्रीमियम” या “मस्कोनॉमी” कहा जा रहा है, जहां निवेशक कंपनी के फंडामेंटल्स से ज्यादा मस्क के विजन और ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसा कर रहे हैं।

नियंत्रण मस्क के हाथ में रहेगा

आईपीओ में आम निवेशकों के लिए करीब 30% हिस्सेदारी रखी गई है, जो लगभग 22.5 बिलियन डॉलर के बराबर है। हालांकि, मस्क इस इश्यू में कोई शेयर नहीं बेच रहे हैं और लिस्टिंग के बाद भी वोटिंग कंट्रोल उनके पास ही रहेगा।

नैस्डैक सिस्टम पर भी दबाव, तकनीकी टेस्ट की परीक्षा

विशेषज्ञों का कहना है कि यह लिस्टिंग नैस्डैक के तकनीकी सिस्टम की बड़ी परीक्षा होगी। 2012 में फेसबुक आईपीओ के दौरान भी सिस्टम में गड़बड़ी देखी गई थी। स्पेसएक्स का आईपीओ उससे कई गुना बड़ा है, इसलिए बाजार पर नजरें टिकी हैं।

स्पेसएक्स का विवाद: मुनाफे को लेकर सवाल

हालांकि कंपनी का रेवेन्यू लगभग 18.67 बिलियन डॉलर है, लेकिन अब तक वह लगातार घाटे में रही है। कई विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का वर्तमान वैल्यूएशन “ओवरवैल्यूड” है और इसे 780 बिलियन डॉलर के आसपास होना चाहिए।

स्पेसएक्स: अंतरिक्ष की दुनिया में बड़ा बदलाव

2002 में स्थापित स्पेसएक्स ने रीयूजेबल रॉकेट टेक्नोलॉजी के जरिए अंतरिक्ष मिशनों की लागत घटाई है। 2020 में कंपनी ने पहला प्राइवेट ह्यूमन स्पेस मिशन लॉन्च कर इतिहास रचा था, जिसने अंतरिक्ष उद्योग को नई दिशा दी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन