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21st October 2026

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मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप; बांग्लादेश सरकार बोली- सजा से पहले हमें जानकारी नहीं दी गई

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सऊदी अरब में बांग्लादेशी पति-पत्नी को फांसी : मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप; बांग्लादेश सरकार बोली- सजा से पहले हमें जानकारी नहीं दी गई

News Affair Team

Tue, Oct 20, 2026

ढाका/मक्का.

सऊदी अरब में मक्का के अंदर एक मस्जिद में अश्लील हरकत करने के आरोप में बांग्लादेशी पति-पत्नी को फांसी दे दी गई। सजा दिए जाने के बाद बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि उसे इसकी पूर्व सूचना नहीं मिली थी। सरकार को मामले की जानकारी तब हुई, जब दोनों को मृत्युदंड दिया जा चुका था। अब बांग्लादेश ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने के लिए सऊदी अरब से संपर्क किया है।

‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में बांग्लादेशी दूतावास ने वहां की जेलों में बंद अपने नागरिकों की सूची मांगी थी। सऊदी प्रशासन की ओर से भेजी गई सूची में दोनों के नाम शामिल थे, लेकिन उसमें उन्हें सुनाई गई मौत की सजा का जिक्र नहीं था।

बांग्लादेश बोला- फैसले की कॉपी मिलने के बाद तय करेंगे अगला कदम

बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि सरकार ने मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए सऊदी अरब से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक दस्तावेज मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

मंत्री के मुताबिक, फिलहाल सरकार सऊदी प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रही है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट जानकारी के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील भी की।

फैसले की कॉपी मिलने के बाद ही हम आगे कुछ बता सकेंगे और आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे। फिलहाल लोग धैर्य रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें।

  • शमा ओबैद इस्लाम, बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री

सऊदी गृह मंत्रालय ने कहा- मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन किया

सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के अनुसार, दोनों को इस्लामी कानून के तहत ‘ताजीर’ के प्रावधानों के आधार पर मौत की सजा दी गई। ताजीर ऐसी सजा है, जिसमें अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों के आधार पर न्यायिक अधिकारी सजा तय करते हैं।

मंत्रालय ने अपने बयान में अपराध को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों ने मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन किया था। इसी आधार पर उन्हें मृत्युदंड दिया गया। हालांकि, इस मामले में बांग्लादेश सरकार ने सजा से पहले सूचना नहीं मिलने की बात कही है।

सऊदी अरब में रहते हैं 30 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी

सऊदी अरब में 30 लाख से अधिक बांग्लादेशी नागरिक रहते और काम करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार करते हैं। दोनों देशों के बीच धार्मिक, आर्थिक और श्रम संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं।

ऐसे में इस मामले ने विदेशों में बंद बांग्लादेशी नागरिकों को दी जाने वाली सजा और संबंधित सरकारों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। बांग्लादेश अब सऊदी प्रशासन से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही अपनी अगली रणनीति तय करेगा।

सऊदी अरब में इस साल करीब 100 लोगों को फांसी देने का दावा

एमनेस्टी इंटरनेशनल के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में इस साल अब तक करीब 100 लोगों को मृत्युदंड दिया जा चुका है। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। कई मामलों में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के लिए सजा दी गई है।

इससे पहले 2011 में रियाद में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई थी। उन्हें मिस्र के एक नागरिक की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।

फेसबुक टिप्पणी पर श्रीलंकाई नागरिक की मौत की सजा रद्द

इसी महीने सऊदी अरब ने श्रीलंका के एक नागरिक की मौत की सजा रद्द कर दी थी। उसे फेसबुक पर की गई एक टिप्पणी के मामले में धर्म का अपमान करने का दोषी ठहराया गया था।

इस फैसले के बाद श्रीलंका में विरोध हुआ और नागरिक को राहत दिलाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किए गए। आखिरकार, सऊदी अरब ने उसकी मौत की सजा रद्द कर दी।

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