लोन लेना हो सकता है सस्ता : 4-6 जून को RBI की मीटिंग, रेपो रेट में कटौती की संभावना; EMI हो सकती है कम
नईदिल्ली.
आम जनता के लिए लोन लेना सस्ता हो सकता है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 4 से 6 जून 2025 को होने जा रही है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि रेपो रेट में 0.25% की और कटौती की जा सकती है। इससे पहले दो बैठकों में पहले ही 0.50% की कटौती की जा चुकी है, जिससे वर्तमान में रेपो रेट 6% पर आ गई है।
क्यों घट सकती है रेपो रेट?
SBI सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट सनी अग्रवाल के अनुसार-
महंगाई नियंत्रण में है – खुदरा महंगाई जुलाई 2019 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।
GDP ग्रोथ स्थिर है और
मानसून सामान्य रहने के आसार हैं।
इन सभी कारकों को देखते हुए ब्याज दरों में कटौती की पूरी संभावना है, जिससे हाउसिंग और ऑटो सेक्टर को भी बूस्ट मिलेगा।
रेपो रेट क्या है?
रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। रेपो रेट घटने पर बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, और बैंक भी यह लाभ आम ग्राहकों को सस्ती ब्याज दरों के रूप में देते हैं। इससे लोन सस्ते होते हैं और EMI घटती है।
EMI पर असर: कितना होगा फायदा?
लोन राशि | अवधि | ब्याज दर | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|---|---|
₹20 लाख | 20 साल | 8.00% | ₹16,729 | ₹20.14 लाख |
₹20 लाख | 20 साल | 7.75% | ₹16,419 | ₹19.40 लाख |
फायदा: EMI में ₹310 की कमी और कुल ₹74,000 की बचत |
लोन राशि | अवधि | ब्याज दर | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|---|---|
₹30 लाख | 20 साल | 8.00% | ₹25,093 | ₹30.22 लाख |
₹30 लाख | 20 साल | 7.75% | ₹24,628 | ₹29.10 लाख |
फायदा: EMI में ₹465 की कमी और कुल ₹1.12 लाख की बचत |
(नोट: उपरोक्त आंकड़े अनुमान आधारित हैं। वास्तविक लाभ बैंक और स्कीम पर निर्भर करेगा।)
RBI रेपो रेट में बदलाव क्यों करता है?
महंगाई नियंत्रण के लिए रेपो रेट बढ़ाया जाता है।
इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए रेपो रेट घटाया जाता है।
RBI रेपो रेट को मनी फ्लो और डिमांड को नियंत्रित करने के लिए एक पॉलिसी टूल की तरह इस्तेमाल करता है। वित्त वर्ष 2025-26 की MPC मीटिंग्स
चरण | तारीख |
|---|---|
पहली | 7-9 अप्रैल 2025 |
दूसरी | 4-6 जून 2025 |
तीसरी | 5-7 अगस्त 2025 |
चौथी | 29 सितम्बर - 1 अक्टूबर 2025 |
पांचवीं | 3-5 दिसंबर 2025 |
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