Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

12th October 2026

ब्रेकिंग

पहली बार फुल-टाइम कप्तान के तौर पर उतरेंगी; NGT की अनुमति के बाद स्टेडियम में मैच की तैयारी

हूतियों की सऊदी अरब को नई चेतावनी; ट्रम्प बोले- अमेरिका सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है

कभी पोस्ट का नंबर बिगड़ा तो बने ‘नंबर लीक’ मीम्स; सर्जरी और रिटायरमेंट की अफवाहों पर भी देनी पड़ी सफाई

मस्क का अंबानी पर तंज, बोले- मुनाफा घटेगा, लेकिन कारोबार बंद नहीं होगा; सरकार ने कहा- किसी की मोनोपॉली नहीं चलेगी

सरकार ने गिनाए विकास के आंकड़े; पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी

आज से रणजी ट्रॉफी का नया सीजन : 38 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी; मुंबई की नजर 43वें टाइटल पर, जम्मू-कश्मीर डिफेंडिंग चैंपियन

News Affair Team

Sun, Oct 11, 2026

नई दिल्ली.

भारतीय घरेलू क्रिकेट का सबसे बड़ा रेड-बॉल टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो गया है। 1934-35 में शुरू हुई इस चैंपियनशिप का यह 92वां सीजन है। इस बार 38 टीमें खिताब के लिए उतर रही हैं। मुकाबले अक्टूबर से मार्च 2027 तक दो चरणों में खेले जाएंगे।

इस सीजन में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, सरफराज खान और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने या वापसी की दावेदारी मजबूत करने का अहम मंच है।

मुंबई के नाम 42 खिताब, जम्मू-कश्मीर डिफेंडिंग चैंपियन

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई सबसे सफल टीम है। टीम अब तक 42 बार खिताब जीत चुकी है। लगातार 15 सीजन चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी मुंबई के नाम है। कर्नाटक 8 खिताब के साथ दूसरे और दिल्ली 7 खिताब के साथ तीसरे स्थान पर है।

पिछले सीजन की सबसे बड़ी कहानी जम्मू-कश्मीर की रही। टीम ने 2025-26 के फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में 291 रन की बढ़त लेकर अपना पहला रणजी खिताब जीता था। फाइनल ड्रॉ रहने के बावजूद पहली पारी की बढ़त ने चैंपियन का फैसला किया। करीब 67 साल से टूर्नामेंट में खेल रही टीम के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि थी।

चार एलीट ग्रुप, एक प्लेट ग्रुप

BCCI ने 38 टीमों को एलीट और प्लेट डिवीजन में बांटा है। एलीट डिवीजन में 32 टीमें चार ग्रुप में खेलेंगी, जबकि प्लेट डिवीजन में 6 टीमें होंगी। एलीट ग्रुप में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी सात टीमों से मुकाबला करेगी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे। प्लेट डिवीजन की टीमें आपस में मुकाबले खेलेंगी और फाइनल से विजेता तय होगा।

दो चरणों में होगा टूर्नामेंट

रणजी ट्रॉफी का कार्यक्रम इस बार भी दो चरणों में रखा गया है। पहला चरण 11 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद घरेलू क्रिकेट कैलेंडर में सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी और विजय हजारे वनडे ट्रॉफी के मुकाबले होंगे।

रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण जनवरी 2027 में शुरू होगा। एलीट डिवीजन के नॉकआउट मुकाबले फरवरी में खेले जाएंगे और फाइनल 3 मार्च 2027 तक निर्धारित है।

रणजी ट्रॉफी कैसे शुरू हुई?

जुलाई 1934 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट चैंपियनशिप शुरू करने की योजना बनाई। शुरुआत में इसका नाम ‘क्रिकेट चैंपियनशिप ऑफ इंडिया’ था। पहले सीजन में 15 टीमों ने हिस्सा लिया। पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह ने टूर्नामेंट के लिए ट्रॉफी दान की थी।

पहला मैच मद्रास और मैसूर के बीच चेपॉक में खेला गया था। पहले सीजन का खिताब बॉम्बे ने जीता। बाद में टूर्नामेंट का नाम कुमार श्री रणजीत सिंह के सम्मान में रणजी ट्रॉफी रखा गया। रणजीत सिंह ने 1896 से 1902 के बीच इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले थे। उस समय भारत की अपनी टेस्ट टीम नहीं थी।

हालांकि, रणजी ट्रॉफी भारत का पहला क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं था। इससे पहले 1892 में यूरोपियन और पारसी टीमों के बीच बॉम्बे प्रेसीडेंसी मैच शुरू हुआ था। आगे चलकर यह बॉम्बे ट्रायएंगुलर, क्वाड्रैंगुलर और पेंटांगुलर प्रतियोगिताओं के रूप में खेला गया। इसमें हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों की टीमें भी हिस्सा लेती थीं। यह प्रतियोगिता 1946 तक चली।

रणजी ट्रॉफी के मैच कितने दिन के होते हैं?

रणजी ट्रॉफी प्रथम श्रेणी क्रिकेट का टूर्नामेंट है। इसके लीग मुकाबले चार दिन के होते हैं, जबकि नॉकआउट मैच पांच दिन तक खेले जा सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट की तरह दोनों टीमों को दो-दो पारियां खेलने का मौका मिलता है।

अगर नॉकआउट मुकाबले में तय समय तक नतीजा नहीं निकलता, तो पहली पारी की बढ़त निर्णायक हो सकती है। पिछले सीजन के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने इसी आधार पर कर्नाटक को पीछे छोड़कर खिताब जीता था।

रणजी ट्रॉफी खेलने पर कितनी फीस मिलती है?

BCCI के घरेलू मैच फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक, खिलाड़ियों की फीस प्रथम श्रेणी मैचों के अनुभव और प्लेइंग इलेवन या रिजर्व में होने पर निर्भर करती है। दिए गए फीस स्ट्रक्चर के अनुसार, राशि प्रतिदिन के हिसाब से तय होती है।

इस हिसाब से 40 से ज्यादा प्रथम श्रेणी मैच खेल चुका खिलाड़ी चार दिन के लीग मैच में प्लेइंग इलेवन में रहने पर ₹2.40 लाख तक की मैच फीस पा सकता है। यह रकम खेलने के दिनों और लागू फीस नियमों पर निर्भर करेगी।

अंपायरों की फीस भी उनके ग्रेड के आधार पर तय होती है। हालांकि, भुगतान से जुड़े आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले मौजूदा BCCI फीस नियमों से मिलान करना जरूरी है।

क्या रणजी मैच देखने के लिए टिकट खरीदना पड़ता है?

हर रणजी मैच के लिए टिकट खरीदना जरूरी नहीं है। कई घरेलू मुकाबलों में दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जाता है, लेकिन यह मेजबान राज्य क्रिकेट संघ और स्टेडियम के नियमों पर निर्भर करता है।

उदाहरण के तौर पर, जनवरी 2025 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रणजी मैच के लिए मुफ्त प्रवेश दिया गया था। बंगाल क्रिकेट संघ ने भी 2025 में ईडन गार्डन्स पर एक मुकाबले के लिए मुफ्त प्रवेश की घोषणा की थी। दर्शकों को मैच देखने जाने से पहले संबंधित क्रिकेट संघ की घोषणा जांच लेनी चाहिए।

क्या रणजी मैच देखते हैं टीम इंडिया के सिलेक्टर?

हां, घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर राष्ट्रीय और घरेलू चयनकर्ताओं की नजर रहती है। रणजी ट्रॉफी में रन बनाने और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिल सकता है।

सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। मुंबई के ऑलराउंडर तनुष कोटियान ने 2023-24 रणजी सीजन में 502 रन और 29 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था। दिसंबर 2024 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया।

इस सीजन किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?

  • यशस्वी जायसवाल (मुंबई): घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में बड़ी पारियां खेलने का मौका।

  • केएल राहुल (कर्नाटक): टेस्ट क्रिकेट से पहले लाल गेंद से लय हासिल करने पर नजर।

  • मोहम्मद शमी (बंगाल): घरेलू प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय टीम में वापसी की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश।

  • मोहम्मद सिराज (हैदराबाद): अपनी घरेलू टीम के लिए गेंदबाजी करते हुए लय बनाए रखने का अवसर।

  • सरफराज खान (मुंबई): टेस्ट टीम में वापसी के लिए प्रदर्शन अहम।

  • रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र): घरेलू क्रिकेट में मैच अभ्यास हासिल करने का मौका।

  • वॉशिंगटन सुंदर (तमिलनाडु): बल्ले और गेंद, दोनों से योगदान देने की चुनौती।

  • आयुष म्हात्रे (मुंबई): सीनियर घरेलू क्रिकेट में अपनी निरंतरता साबित करने का अवसर।

  • शिखर मोहन (झारखंड): पिछले सीजन के अच्छे प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की उम्मीद।

  • आकिब नबी (जम्मू-कश्मीर): पिछले सीजन में शानदार गेंदबाजी के बाद फिर से प्रभाव छोड़ने की चुनौती।

खिलाड़ियों की उपलब्धता और टीम में चयन संबंधित राज्य क्रिकेट संघ की घोषित टीम पर निर्भर करेगा।

रणजी ट्रॉफी सिर्फ एक खिताब की लड़ाई नहीं है। यह उन खिलाड़ियों के लिए भी अहम मंच है, जो लंबे फॉर्मेट में अपनी तकनीक, धैर्य और निरंतरता साबित करना चाहते हैं। 2026-27 सीजन में मुंबई अपने रिकॉर्ड में एक और खिताब जोड़ने उतरेगी, जबकि जम्मू-कश्मीर की टीम अपने पहले खिताब के बाद दोबारा मजबूत प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन